केेदारनाथ क्षेत्र में सांस फूलने एवं घबराहट होने पर बुधवार को तीन तीर्थयात्रियों को हेली एंबुलेंस से उपचार के लिए एम्स लाया गया। एम्स में भर्ती कराए गए तीर्थयात्रियों के स्वास्थ्य में सुधार है। तीनों यात्री अस्पताल की मेडिसिन विभाग की इमरजेंसी में भर्ती हैं।
ऑक्सीजन की कमी के चलते केेदारनाथ क्षेत्र में तीर्थयात्रियों की परेशानियां बढ़ रही हैं। पैदल मार्ग से धाम जाने वाले यात्री ज्यादा परेशान हैं। मंगलवार की शाम अलग-अलग स्थानों से केदारनाथ धाम के दर्शन के लिए जा रहे तीन यात्रियों की तबीयत बिगड़ गई। उन्हें गौरीकुंड से केदारनाथ पैदल मार्ग पर सांस फूलने और घबराहट की दिक्कत होने लगी। तीनों की हालत गंभीर हो गई। लिनचोली स्थित स्वामी विवेकानंद चैरिटेबल अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद बुधवार को तीनों यात्रियों को हेली एंबुलेंस द्वारा एम्स लाया गया।
मरीजों के परिजनों ने बताया कि दोपहर बाद केदारनाथ पैदल मार्ग पर रुक-रुक कर तेज बारिश हो रही थी। इसी दौरान केदारनाथ से कुछ पहले पैदल चलते समय उन्हें ऑक्सीजन की कमी महसूस होने लगी। इनमें कुछ लोगों को सांस फूलने पर बेहोशी की शिकायत हुई और स्थिति गंभीर हो गई। एम्स के जनसंपर्क अधिकारी हरीश मोहन थपलियाल ने बताया कि दो अलग-अलग उड़ानों से लाए गए यात्रियों में नागपुर, महाराष्ट्र निवासी ताराचंद (65) और भिंड, मध्य प्रदेश निवासी मुन्नी देवी (49) को दोपहर लगभग साढ़े बारह बजे और ग्वालियर, मध्य प्रदेश की सावित्री देवी (60) को दूसरी हेली एंबुलेंस से लगभग डेढ़ बजे एम्स लाया गया। उन्होंने बताया कि इन लोगों को सांस लेने में कठिनाई, घबराहट और बेचैनी है। उपचार के लिए तीनों यात्रियों को एम्स की मेडिसिन इमरजेंसी में भर्ती किया गया है। उन्होंने बताया कि 12 मई से अब तब केदारनाथ से सात तीर्थयात्रियों को हेली एंबुलेंस के माध्यम से उपचार के लिए एम्स में लाया जा चुका है।