ऋषिकेश। ऋषिकेश और आसपास के इलाकों में पर्यटकों की आमद बढ़ गई है। भीड़ बढ़ने के साथ ही योगनगरी में चरस, गांजा और स्मैक की अवैध बिक्री में जबरदस्त बढ़ोत्तरी हुई है। तस्कर ऋषिकेश, स्वर्गाश्रम, तपोवन, हेवलघाटी में घूमने आने वाले पर्यटकों को ऊंचे दामों में नशीले पदार्थ बेच रहे हैं। सप्ताह भर के अंदर क्षेत्रीय पुलिस प्रशासन ने एनडीपीएस के तहत जितने भी मामले पकड़े हैं वे सभी आरोपी इन नशीले पदार्थों को राफ्टिंग, कैंपिंग क्षेत्र में सप्लाई करने के लिए जे जा रहे थे।
टिहरी जिला क्षेत्र के शिवपुरी, क्यार्की, घुघतानी, तपोवन और पौड़ी जिला अंतर्गत गरुड्चट्टी, रत्तापानी, मोहनचट्टी, बैरागढ़, घट्टूगाड़, नैल, बिजनी आदि स्थानों पर कैंप संचालित हो रहे हैं। दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, मध्यप्रदेश, पंजाब आदि प्रांतों के पर्यटक यहां पहुंचकर शराब के अलावा स्मैक, चरस, गांजा, हेरोइन आदि का नशा करते हैं। जिन्हें ये ऊंचे दामों में स्थानीय तस्करों से खरीदते हैं।
बीते मंगलवार को थाना रायवाला पुलिस ने 17.35 ग्राम स्मैक के साथ भानियावाला के दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया। पूछे जाने पर इन दोनों आरोपियों ने बताया कि वे इसे तीर्थनगरी में संचालित कैंपिंग क्षेत्रों में बेचने के लिए ले जा रहे थे। यही नहीं बीते 27 सितंबर को कोतवाली पुलिस ने चंद्रेश्वनगर की एक महिला और एक पुरुष को 27 ग्राम स्मैक के साथ पकड़ा था। पूछताछ के बाद इन आरोपियों ने भी यहीं बात बताई थी कि वे इस नशे को कैंपिंग क्षेत्र में बेचने के लिए ले जा रहे थे। इसके अलावा बीते 26 सितंबर को भी कोतवाली पुलिस ने गुमानीवाला के एक युवक को आठ ग्राम स्मैक के साथ पकड़ा था। युवक ने भी सैलानियों को स्मैक बेचने की बात स्वीकार की थी। इन तस्कारों को देखकर अब आप ही अंदाजा लगा सकते हैं कि कैंप क्षेत्रों में नशा का कारोबार किस कदर फैल चुका है। लेकिन स्थानीय पुलिस प्रशासन इस ओर मूकदर्शक बनी हुई है।
पकड़े जाने पर होती है कार्रवाई
मुनिकीरेती और लक्ष्मण झूला थाना पुलिस ने बताया कि कैंपो में समय-समय पर छापा मार अभियान भी चलाया जाता है। पुलिस ने बताया कि संचालकों को कैंपों में नशा न परोसने के निर्देश दिए गए है। कोई निर्देशों का उल्लंघन करता पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।