ऋषिकेश। रानीपोखरी में 27 अगस्त को 57 साल पुराने मोटरपुल के दो हिस्से ढहने के बाद के बाद शासन की ओर से बनाई जांच टीम दोबारा रानीपोखरी पहुंची। इस दौरान टीम ने क्षतिग्रस्त पुल का जियोलॉजिकल सर्वे करने के साथ ही, अलग-अलग बिंदुओं पर जांच की। टीम मौके पर फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी भी की।
मोटर पुल के टूटने के बाद शासन की ओर से तीन अभियंताओं की एक उच्चस्तरीय जांच कमेटी बना रखी है। इस जांच कमेटी में मुख्य अभियंता पौड़ी गढ़वाल अयाज अहमद, अधीक्षण अभियंता प्रमोद पाठक (मैकेनिकल), अधीक्षण अभियंता मुकेश परमार को शामिल किया गया है। इस दौरान टीम ने क्षतिग्रस्त पुल की जांच की। इससे पहले मंगलवार को भी टीम रानीपोखरी आकर पुल की जांच कर चुकी है। इस दौरान टीम ने टीम ने पुल के आसपास जियोलॉजिकल सर्वे किया। टीम में शामिल मुख्य अभियंता गढ़वाल मो. अयाज अहमद, अधीक्षण अभियंता मुकेश परमार, अधीक्षण अभियंता विद्युत यांत्रिकी अमित कुमार शर्मा और अधीक्षण अभियंता देहरादून पीएस बृजवाल ने पुल क्षतिग्रस्त होने के मामलों की जांच की। अधीक्षण अभियंता देहरादून पीएस बृजवाल ने बताया कि अभी जांच चल रही है। टीम ने पुल का जियोलॉजिकल सर्वे किया गया है। शनिवार को जांच टीम के सभी अभियंता बैठेंगे, उसके बाद पुल गिरने के कारणों पर विचार विमर्श किया जाएगा। उसके बाद रिपोर्ट सरकार को सौंपी जाएगी।