लक्ष्मझूला में दूरसंचार विभाग ने क्षेत्र में पहला वाईफाई एक्सेस प्वाइंट लगाया है। पर्यटक यहां वाईफाई का रिचार्ज कर इंटरनेट का उपयोग कर पाएंगे। सेवा के विस्तार के लिए अन्य स्थानों पर भी वाईफाई एक्सेस प्वाइंट लगाए जाएंगे। लोग दुकानों और गली मोहल्लों में पब्लिक डेटा ऑफिसर (पीडीओ) के माध्यम से सार्वजनिक वाईफाई नेटवर्क स्थापित कर सकते हैं।
शीशमझाड़ी स्थित एक होटल में दूरसंचार विभाग की ओर से एक जागरूकता सेमिनार आयोजन किया गया। दूरसंचार विभाग के सीनियर डीडीजी संजीव अग्रवाल ने कहा कि मोबाइल टॉवरों से निकलने वाले रेडिएशन को लेकर लोगों की ओर से भ्रांतियां फैलाई जा रही है। जबकि वैज्ञानिक भी रेडिएशन से किसी प्रकार का दुष्प्रभाव न होने की बात कह चुके हैं। सेमिनार में साइबर धोखाधड़ी के बारे में भी जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि पीएम वाणी योजना के तहत छोटी दुकान या जन सेवा केंद्र (सीएससी) भी पीडीओ हो सकते हैं। इसके तहत सरकारी राशन की दुकानों, किराना दुकानों और गली-मोहल्ले की दुकानों पर भी सार्वजनिक वाईफाई नेटवर्क या ‘एक्सेस पॉइंट’लगाए जा सकते हैं। पीडीओ के लिए लाइसेंस और पंजीकरण की आवश्यकता नहीं होगी। इस पर किसी प्रकार का शुल्क भी नहीं लगेगा। सार्वजनिक वाईफाई एक्सेस नेटवर्क इंटरफेस (पीएम वाणी) लगने से देश में एक बड़ी वाईफाई क्रांति आएगी। लोग कम पैसे में वाईफाई का प्रयोग कर सकेंगे। डेटा ऑफिस एग्रीगेटर्स और ऐप प्रदाता शामिल रहेंगे। पीडीओ वाईफाई एक्सेस पॉइंट को स्थापित करने के साथ ही उसका रखरखाव और परिचालन करेंगे। जिन स्थानों पर सिग्नल कम आते हैं वहां वाईफाई एक्सेस प्वाइंट लगने से 200 मीटर या 300 मीटर के दायरे में लोगों को सहायता मिल सकेगी। इसे सार्वजनिक टेलीकॉम सेवा प्रदाताओं के माध्यम से संचालित किया जाएगा। सेमीनार में डीडीजी देब कुमार चक्रबर्ती, डीडीजी अरुण कुमार वर्मा, डीडीजी राकेश कुमार, पीजीएम अशोक रावत, पूर्ति निरीक्षक विजय डोभाल, इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स, टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स, एंटरप्रेन्योर्स, आरडब्ल्यूए और फ्रेंचाइजी ऑपरेटर शामिल हुए हैं।
ऐसा लगेगा एक्सेस प्वाइंट
- एक किसी भी कंपनी का ब्राडबैंड, फाइबर कनेक्शन लेना होगा। उसके बाद एक राउटर खरीदना होगा। उस राउटर को किसी भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में लगाना होगा। उसके सिग्नल 200 मीटर के दायरे जा सकेंगे। जो भी लोग लॉग इन करेंगे। वह पांच, 10, 50 रुपये में वाईफाई सिग्नल ले सकेंगे।