मुनिकीरेती स्थित जीएमवीएन गंगा रिजॉर्ट के कमरे में लगी आग से जला सामान। संवाद
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मुनिकीरेती स्थित जीएमवीएन गंगा रिजॉर्ट के एक कमरे की एसी में शॉर्टसर्किट होने से आग लग गई। आग की लपटों ने खिड़की के पर्दों को भी लपेट में ले लिया। पर्यटकों ने कमरे से भागकर अपनी जान बचाई। सूचना पर पहुंचे जीएमवीएन के कर्मचारियों ने आग पर काबू किया। गनीमत रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ।
जीएमवीएन गंगा रिजॉर्ट के प्रबंधक राजेंद्र ढौंडियाल ने बताया कि घटना बीते शनिवार रात करीब 3 बजे की है। रिजॉर्ट के कमरे में दिल्ली रोहणी के तनुजा चौधरी अपने परिवार के साथ रुके हुए थे। कमरे में लगे एसी में अचानक शॉर्टसर्किट हो गया। इससे आग की लपटें उठने लगीं। हालांकि, समय रहते कर्मचारियों ने आग पर काबू पा लिया। उन्होंने बताया कि कमरे के अंदर रहे रहे लोगों को दूसरे कमरे में शिफ्ट कर दिया गया है। वहीं, कमरे में ठहरे पर्यटकों ने आरोप लगाया कि इतनी बड़ी घटना की सूचना देने के बावजूद भी एक भी अधिकारी सुबह 7 बजे तक घटना स्थल पर नहीं पहुंचा। कहा कि जहां आप उत्तराखंड के पर्यटन को बढ़ावा देने की बात कहते हैं, वहीं जीएमवीएन में फायर अलार्म की सुविधा भी नहीं है। एसी इतने पुराने हैं कि दोबारा भी हादसा हो सकता है।
पर्यटकों ने कहा कि रिजार्ट की सारी व्यवस्था रामभरोसे हैं। यही कारण है कि पर्यटक यहां रहने के बजाय होटलों में रहना पसंद करते हैं। उधर, गंगा रिजॉर्ट के प्रबंधक ने इन आरोपों को निराधार बताया है। कहा कि रिजॉर्ट में आग से बचाव के लिए उनके पास पर्याप्त सुविधा है। एसी की समय-समय पर मरम्मत की जाती है।