श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन कथावाचक ने भक्त प्रह्लाद की कथा सुनाई। साथ ही कृष्ण जन्मोत्सव मनाया गया। कृष्ण जन्मोत्सव में श्रद्धालु जमकर झूमे। कथा के दौरान श्रीकृष्ण के बाल रूप की झांकी भी सजाई गई।
रविवार को राजीव ग्राम ढालवाला स्थित पंचायत घर में आयोजित भागवत कथा में कथावाचक आचार्य अरुण व्यास ने भक्त प्रह्लाद की कथा सुनाई। उन्होंने कहा कि राक्षसराज हिरण्यकश्यप ने भगवान ब्रह्म से वरदान के कारण स्वयं को ही भगवान मानने लगा था। मगर, उसका पुत्र प्रह्लाद बचपन से ही भगवान विष्णु का परम भक्त था। उसने प्रह्लाद को मारने के लिए कई उपाय किए, मगर वह प्रभु कृपा से बचता रहा। हिरण्यकश्यप ने अपनी बहन होलिका के संग प्रह्लाद को आग में जलाकर मारने का षडयंत्र रचा। मगर, होलिका इस षड़यंत्र का स्वयं शिकार हुई। इसके बाद भगवान विष्णु के नरसिंह अवतार ने हिरण्यकश्यप का वध कर डाला।
इसके बाद व्यास ने कृष्ण लीला का वर्णन शुरू किया। इसमें उन्होंने कंस के कारागार मेें जन्मे भगवान कृष्ण के जन्म का वर्णन किया। इस मौके वासुदेव के सर में टोकरी में बैठे भगवान कृष्ण की सुंदर झांकी प्रस्तुत की गई। कथा के दौरान भजनों में श्रद्धालु मग्न होकर झूमे। कथा में कृषि एवं उद्यान मंत्री सुबोध उनियाल और सभासद गजेंद्र सिंह सजवाण ने भी शामिल हुए।
इस मौके पर बीना जोशी, मुकुंद राम गोदियाल, चंडी प्रसाद व्यास, बबली गोदियाल, भगवती रतूड़ी, शंभू गोदियाल, चंद्रशेखर पैन्यूली, चंद्रमोहन बहुगुणा, पूर्णानंद बहुगुणा, हर्षमणि व्यास, जगदीश प्रसाद नौटियाल, आशाराम व्यास, अजय उनियाल, संपूर्णानंद पैन्यूली, सीता देवी पैन्यूली, नवीन पैन्यूली, मुरारी लाल डोभाल, शंभू प्रसाद गोदियाल, अनुसूया प्रसाद पैन्यूली, प्रेमलाल सेमवाल, अरविंद कुड़ियाल, मनोज कुड़ियाल, राजेंद्र व्यास, श्रीदेव उनियाल, विनोद पैन्यूली, भगवती प्रसाद भट्ट, सचिन पैन्यूली, पूरणा देवी आदि उपस्थित थे।