ऋषिकेश। अखिल भारतीय आर्युविज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश में नर्सिंग सुपरीटेंडेंट पर हमले के आरोपी की 48 घंटे के अंदर गिरफ्तारी न होने पर नर्सिंग स्टाफ ने कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी है। मामले में नर्सिंग प्रोफेशनल डेवलपमेंट एसोसिएशन ने आरोपी कर्मचारी से स्पष्टीकरण लेने और एक महीने के नोटिस के साथ एम्स का आवासीय भवन खाली करवाने की मांग भी की है।
बीते बुधवार शाम करीब 7.30 बजे नर्सिंग सुपरीटेंडेंट घेवरचंद अपने आवास पर थे। इसी बीच एक महिला नर्सिंग ऑफिसर का पति कुछ लोगों के साथ उनके कमरे में जबरन आ घुसा। उसने गाली गलौज करते हुए उन पर हमला कर दिया। हमले में नर्सिंग सुपरिंटेंडेंट घायल हो गए। इस घटना से नर्सिंग स्टॉफ भड़क गया है। नर्सिंग कर्मचारी रात में ही कामकाज छोड़कर हमलावर की गिरफ्तारी की मांग को लेकर एम्स परिसर में धरने पर बैठ गए। डीन चिकित्सालय प्रशासन प्रो. यूबी मिश्रा के आश्वासन पर स्टाफ कर्मचारी शांत हुए। बृहस्पतिवार को दूसरे दिन भी एम्स परिसर में गहमागहमी रही। नर्सिंग प्रोफेशनल डेवलपमेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रकाश चंद मीणा ने बताया कि एम्स प्रशासन को चार सूत्री मांग पत्र सौंपा गया है। इसमें हमलावर की दो दिन में गिरफ्तारी, एम्स ग्रेवांस कमेटी में मामला पहुंचाने, दोषी कर्मचारी से दो दिन में स्पष्टीकरण लेने और एक महीने में क्वार्टर खाली कराने का नोटिस देने और आगे इस तरह की घटनाओं की रोकथाम के लिए उचित कार्रवाई की मांग की है। सकारात्मक कार्रवाई नहीं होने पर सोमवार से नर्सिंग स्टाफ कार्य बहिष्कार करेंगे। जिसपर डीन चिकित्सालय प्रशासन प्रो. यूबी मिश्रा ने एसोसिएशन को उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।