22 एसपीएस राजकीय चिकित्सालय में स्त्री रोग ओपीडी में मौजूद नही महिला चिकित्सक।
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राजकीय एसपीएस चिकित्सालय के सीएएमएस के छुुट्टी पर जाते ही अस्पताल के चिकित्सक और स्टाफ बेलगाम हो गया है। अस्पताल की ओपीडी का निर्धारित समय नौ बजे है, लेकिन कई चिकित्सक और स्टाफ दस बजे ओपीडी में पहुंच रहे हैं। वहीं स्वास्थ्य विभाग से अनुबंधित चंदन पैथोलॉजी लैब में 10.30 बजे के बाद मरीजों के सैंपल नहीं ले रहे हैं। यही नहीं अस्पताल के जांच केंद्र में सुबह 9.20 बजे के बाद ओपीडी में आने वाले मरीजों के कोरोना जांच भी नहीं की जा रही है।
राजकीय एसपीएस चिकित्सालय के सीएमएस डॉ. विजयेश भारद्वाज बीते दो दिनों से अवकाश पर हैं। सीएमएस के छुट्टी पर जाने के बाद अस्पताल की व्यवस्थाएं चरमरा गई है। अस्पताल में आने वाले मरीजों के लिए नियमानुसार कोरोना जांच कराना अनिवार्य है। लेकिन बुधवार को जांच केंद्र के कर्मचारी सुबह 9.20 मिनट पर ही अपना सामान समेट कर गायब हो गए। यहीं नहीं गर्भवती महिलाएं महिला एवं प्रसूति रोग ओपीडी में सुबह नौ बजे से चिकित्सकों का इंतजार कर रही थी। कहने के लिए अस्पताल चार महिला और प्रसूति रोग विशेषज्ञ हैं। पर ओपीडी में एक भी महिला चिकित्सक नहीं बैठी थी। सुबह करीब 9.54 पर स्त्री और प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. उषा अरुण ओपीडी में पहुंची, जिसके बाद उन्होंने गर्भवती महिलाओं और प्रसूताओं को देखना शुरू किया। अन्य चिकित्सक 10 बजे के बाद ओपीडी कक्ष में दाखिल हुए। उधर जब चिकित्सकों को दिखाने के बाद मरीज जब सुबह 10.30 बजे स्वास्थ्य विभाग से अनुबंधित चंदन पैथोलॉजी में पहुंचे तो कर्मचारियों ने सैंपल लेने से साफ मना कर दिया। कई मरीजों ने इमरजेंसी का हवाला दिया तो कुछ के सैंपल लिए गए।
पर्चा बनाने के भी पैसे दे रही गर्भवती
ऋषिकेश। स्वास्थ्य विभाग सरकारी अस्पताल में सभी गर्भवती महिलाओं को निशुल्क सुविधाएं उपलब्ध कराने का दावा करता है। अस्पताल में महिलाओं को निशुल्क सुविधाओं को लेकर जागरुक करने के लिए बकायदा एक बोर्ड भी लगाया गया है। लेकिन एसपीएस राजकीय अस्पताल में विभागीय आदेशों की अनदेखी की जा रही है। अस्पताल में गर्भवती महिलाओं से पर्चा बनाने के लिए सामान्य लोगों के लिए निर्धारित 28 रुपये का शुल्क लिया जा रहा है। वहीं जानकारी के आभाव में गर्भवती महिलाएं भी शुल्क दे रही हैं। ऋषिकेश तहसील क्षेत्र निवासी गर्भवती भागेश्वरी ने बताया कि उनसे पर्चा बनाने के लिए 28 रुपये लिए गए।
मामला संज्ञान में नहीं है। कई बार चिकित्सक वार्डों का राउंड लेते हैं। ऐसे में हो सकता है चिकित्सक ओपीडी कक्ष नहीं मिले होंगे। 10.30 के बजे के बाद लैब में सैंपल न लेने और गर्भवती महिलाओं से पर्चे के लिए निर्धारित शुल्क लेने के मामले को दिखवाया जा रहा है।
-डॉ. उत्तत खरोला, प्रभारी सीएमएस, राजकीय एसपीएस अस्पताल, ऋषिकेश