हैवल नदी के तट पर संचालित कैंप।
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ऋषिकेश। मानसून सीजन के चलते योगनगरी में राफ्टिंग बंद है। लेकिन इसके बावजूद दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश से आने वाले पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। पर्यटक यहां जंगल कैंपों में मौज मस्ती के साथ प्रकृति की नैसर्गिक सुंदरता का आनंद ले रहे हैं।
टिहरी और पौड़ी जिला अंतर्गत बैरागढ़, मोहनचट्टी, घट्टूगाड़, क्यारी, तपोवन, शिवपुरी, व्यासी, घुघतानी, नैल, बिजनी, गरुड्चट्टी, फूलचट्टी आदि जंगहों पर जंगल कैंप संचालित हो रहे हैं। जो इन दिनों पर्यटकों से पैक हैं। सैलानी यहां पहुंचकर कैंप के साथ ही आसपास प्रकृति की सुंदरता का आनंद ले रहे हैं। कैंपों के आसपास बह रही सदानीरा हेंवलनदी, पहाड़ से गिर रहे झरने, पेड़ पौधे और हरियाली पर्यटकों को बरवस अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं। कैंपों में सुबह की पहली चाय की चुस्की की शुरुआत के बाद पर्यटक झरनों और नदियों की ओर रुख कर रहे हैं। नतीजन नीरगड्डू, कालीकुंड और हेंवलनदी तट दिनभर पर्यटकों से गुलजार हैं। बाहरी पर्यटक कैंपों के साथ ही बर्ड वॉचिंग, मछली पकड़ना आदि गतिविधियों का भी लुत्फ उठा रहे हैं। कैंपों में बॉर्न फायर, म्यूजिक आदि पर्यटकों को लुभा रहे हैं। कैंपों में सैलानियों के चहलकदमी होने से कैंप संचालक भी राहत की सांस ले रहे हैं। कैंप संचालकों ने बताया कि कोरोनाकाल में उनका व्यवसाय चौपट हो गया था। लेकिन अब धीरे-धीरे स्थिति सुधरती हुई दिखाई दे रही है। कैंपों में पर्यटकों की चहलकदमी शुरू होने से उनका रोजगार पटरी पर आना शुरू हो गया है। कहा अब उनके जंगल कैंपों की एक सप्ताह पहले ही एडवांस बुकिंग हो रही है।