विश्व स्तनपान दिवस पर महिलाओं को जानकारी देते डॉक्टर।
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डोईवाला। हिमालयन अस्पताल जौलीग्रांट के नियोनेटोलाजी विभाग ने अस्पताल के पोस्ट नेटल वार्ड में विश्व स्तनपान सप्ताह के तहत जागरूक कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान शिशुओं की माताओं को स्तनपान के विषय में जानकारियां दी गईं।
डॉ. सूरज ने कहा कि पहला स्तनपान मां और नवजात दोनों के लिए स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होता है। मां का पहला गाढ़ा पीला दूूध बच्चे का पहला टीकाकरण है। इससे बच्चे को आवश्यक खनिज और रोगों से लड़ने की शक्ति मिलती है। स्तनपान सप्ताह मनाने का उद्देश्य मातृशक्ति को इसके प्रति जागरूक करना है। स्तनपान से 19 प्रतिशत शिशु मृत्यु दर और कुपोषण को कम किया जा सकता है। मां के पहला दूध विटामिनयुक्त होता है। यह शिशुओं की आंतों की सफाई और शिशु को पीलिया से बचाने में सहायता करता है। डॉ. सनोबर ने बताया कि जागरूकता के अभाव में लोगों को यह भ्रांति है कि पहला दूध घातक हो सकता है। इसको दूर करने के लिए यह साप्ताहिक अभियान चलाया जा रहा है। जन्म के करीब आधे घंटे बाद मां अपने शिशु को स्तनपान करा सकती है। सिजेरियन से हए शिशु की मां करीब चार घंटे बाद या एनिस्थिसिया के प्रभाव से बाहर आने के बाद स्तनपान करा सकती है। ऐसा करने से शिशु और मां दोनो स्वस्थ रहते हैं। इसके अलावा नवजात का बौद्धिक विकास तेजी से होता है, वहीं, अन्य बीमारियों का खतरा कम रहता है।