परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि इस समय पूरे विश्व में कैंसर का प्रभाव बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है। ऐसे में जीवन शैली में परिवर्तन कर कैंसर को हराया जा सकता है।
विश्व कैंसर दिवस पर स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि कभी कोई कैंसर का नाम सुनता है तो डर जाता है। जब पता चलता है कि किसी को कैंसर हुआ है तो यह सोच लिया जाता है कि अब जीवन समाप्त हो जाएगा, लेकिन कैंसर से लड़ने के लिए दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ आगे बढ़ना होगा। जब एक बार कैंसर डायग्नोस हो जाए तो निर्भीक होकर कैंसर से लड़ना होगा और उस पर विजय प्राप्त करनी होगी। वर्तमान समय की भागदौड़ भरी जिंदगी में स्वस्थ रहने के लिए जीवन शैली, चिंतन शैली और आहार शैली में परिवर्तन करना आवश्यक है। प्राकृतिक और सात्विक जीवन पद्धति के साथ योग, ध्यान और सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाकर कैंसर जैसी बीमारियों से बचा जा सकता है। संवाद