ऋषिकेश। नेपाली फार्म तिराहे पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के इंतजार कर रहे सर्वदलीय संघर्ष समिति के सदस्यों को करारा झटका लगा। धरनारत आंदोलनकारी हाथों में फूलमाला लेकर हाइवे पर खड़े रहे और उनके देखते ही देखते मुख्यमंत्री का काफिला गुजर गया। इसके बाद आंदोलनकारियों का पारा चढ़ गया। आंदोलनकारियों ने कहा कि मुख्यमंत्री ने उनको धरना स्थल पर पहुंचकर आंदोलन समाप्त कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन मुख्यमंत्री अपने वादे से साफ मुकर गए।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेपाली फार्म तिराहे स्थित धरना स्थल पर न रुकने पर सर्वदलीय समिति के सदस्यों ने कड़ी नाराजगी जताई है। आंदोलनकारियों ने टोल प्लाजा निरस्त होने का लिखित आदेश मिलने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी है। प्रदर्शनकारी 38 दिनों से धरने और 16 दिनों से क्रमिक अनशन पर बैठे हैं। कांग्रेस प्रदेश महासचिव राजपाल खरोला ने कहा कि नेपाली फार्म पर प्रस्तावित टोल प्लाजा निरस्त करने की मांग को लेकर प्रदर्शनकारी एक महीने से धरने पर बैठे हैं। बुधवार को जब प्रदर्शनकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल देहरादून में मुख्यमंत्री के पास गया तो उन्होंने धरना स्थल पर पहुंचकर आंदोलन समाप्त करवाने की बात कही थी। हरिद्वार जा रहे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी छिद्दरवाला और रायवाला से होकर निकले, लेकिन धरना स्थल तक नहीं गए। राजपाल खरोला ने आरोप लगाया कि क्षेत्रीय विधायक ने मुख्यमंत्री को गुमराह कर गुमराह कर धरना स्थल तक नहीं पहुंचने दिया है। धरना स्थल पर मनजीत कोटवाल, वीरेंद्र कुमार मिश्रा, बर्फ सिंह पोखरियाल, किशन सिंह, एआईसीसी सदस्य जयेंद्र रमोला, समिति अध्यक्ष विजय पाल सिंह रावत, मनोज गुसाईं, राजेंद्र गैरोला, विक्रम भंडारी आदि मौजूद रहे।