ऋषिकेश। योगनगरी ऋषिकेश ब्लड बैंक स्वयं खून की कमी से जूझ रहा है। बैंक में एबी और ओ ग्रुप का नेगेटिव ब्लड ग्रुप उपलब्ध नहीं है। वहीं अन्य ब्लड ग्रुपों की केवल 10-10 यूनिट ही शेष है। हाल यह है कि जरूरतमंदों के परिजनों को खून के लिए जौलीग्रांट, एम्स और देहरादून के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
ऋषिकेश में बड़ी संख्या में रक्तदाता रक्तदान करते है। इसके बावजूद ब्लड बैंक में ब्लड यूनिट का टोटा है। अस्पताल प्रशासन और ब्लड बैंक प्रभारी स्वैच्छिक रक्तदान को बढ़ावा देने के लिए रक्तदान शिविर के आयोजन को लेकर गंभीर नहीं है। हाल यह है कि एम्स और जौलीग्रांट अस्पताल की टीम योगनगरी में रक्तदान शिविर आयोजित कर यहां से कई यूनिट रक्त एकत्रित करते हैं। ब्लड बैंक के कर्मचारी दिनभर आराम फरमाते हैं। स्वैच्छिक रक्तदान को बढ़ावा देने के लिए भी कोई प्रयास नहीं किया जाता है। ब्लड बैंक की टीम रक्तदान शिविरों के लिए रक्तदाताओं को प्रोत्साहित नहीं करती है। यही कारण है ब्लड बैंक में ब्लड यूनिट की लगातार कमी बनी रहती है।
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ब्लड बैंक में रियर ब्लड ग्रुप की हमेशा कमी रहती है। इसके लिए तो समय पर ही व्यवस्था करनी पड़ती है। रक्तदान शिविर की बात है तो यह एक गंभीर विषय है। इसके लिए ब्लड बैंक प्रभारी को निर्देशित किया जाएगा।
-डॉ. विजयेश भारद्वाज, सीएमएस