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बीस हजार शिवभक्तों ने किया नीलकंठ धाम में जलाभिषेक

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08 नीलकंठ महादेव मंदिर में जलाभिषेक के लिए उमड़ी शिवभक्तों की भीड़। - फोटो : RISHIKESH
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एक मार्च को महाशिवरात्रि पर्व को लेकर नीलकंठ धाम में शिवभक्तों की भीड़ शुरू हो गई है। सुबह से लेकर शाम तक मंदिर में जलाभिषेक के लिए शिवभक्तों की लंबी लाइन लगी हुई है। बृहस्पतिवार को मंदिर में करीब 20 हजार शिवभक्तों ने जलाभिषेक कर पुण्य अर्जित किया।
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बृहस्पतिवार को राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क अंतर्गत नीलकंठ पैदल मार्ग और लक्ष्मणझूला-नीलकंठ मोटर मार्ग पर शिवभक्तों की भीड़ उमड़ी। पैदल मार्ग और मोटर मार्ग भगवान शिव के जयकरों से गूंज उठा। प्रात:काल से ही शिवधाम घंटी और शंख की ध्वनि से गूंज उठा। लक्ष्मणझूला और स्वर्गाश्रम के गंगाघाटों और तटों पर डुबकी लगाने के बाद शिवभक्त हाथों में गंगाजली भरकर शिवालय की ओर रवाना हो रहे हैं। मंदिर के पुजारी शिवानंद गिरी ने बताया कि नीलकंठ धाम में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए समुचित व्यवस्थाएं जुटा दी गई हैं। मंदिर परिसर में शिवभक्तों की सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा जा रहा है।
। महाशिवरात्रि पर्व को लेकर नीलकंठ धाम में रोजाना हजारों शिवभक्त पहुंच रहे हैं। धाम में जलाभिषेक करने से पहले शिवभक्त लक्ष्मणझूला, स्वर्गाश्रम, मुनिकीरेती के गंगाघाटों और तटों पर डुबकी लगा रहे हैं। जीर्णशीर्ण और बदहाल घाटों पर शिवभक्तों के लिए सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं हैं। शिवभक्त जान जोखिम में डालकर आस्था की डुबकी लगा रहे हैं।
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स्वर्गाश्रम क्षेत्र में नावघाट, लक्ष्मीनारायण घाट, सीता घाट, राधेश्यामघाट, संत सेवा घाट और वेद निकेतन, पूर्णानंद घाट पर स्नान के लिए दिनभर शिवभक्तों की भीड़ उमड़ रही है। घाट पर लोहे की जंजीरें गायब हैं। घाटों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। इसके अलावा घाटों पर लाउड स्पीकर और पथ प्रकाश की भी व्यवस्था नहीं है। शिवभक्त सुबह के समय अंधेरे में जानजोखिम में डालकर गंगा में आस्था की डुबकी लगाकर जलाभिषेक के लिए जा रहे हैं। ऐसे में डूबने की घटनाओं की संभावना बढ़ रही है।
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