एसडीआरएफ मुख्यालय में रविवार को रिक्रूट आरक्षियों का पहला दीक्षांत समारोह और शपथ ग्रहण समारोह आयोजित हुआ। एसडीआरएफ में नौ माह का विशेष प्रशिक्षण लेने वाले 171 जवान प्रदेश की नागरिक पुलिस का हिस्सा बन गए।
दीक्षांत परेड में मुख्य अतिथि अपर पुलिस महानिदेशक अमित सिन्हा ने जवानों को शपथ दिलाई। कहा कि सभी नौकरियों में पुलिस की सबसे अलग नौकरी होती है। जिसमें वर्दी पहनने का एहसास होता है। पुलिस महानिरीक्षक एसडीआरएफ रिद्धिम अग्रवाल ने कहा कि नागरिक पुलिस के जवानों को रेस्क्यू कार्यों का भी प्रशिक्षण दिया गया है। जिससे जवान आपदाओं में उत्कृष्ट कार्य कर सकेंगे। इस अवसर पर डीआईजी आरटीसी राजकुमार नेगी, पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे, अपर पुलिस अधीक्षक चक्रधर अंथवाल, सीओ एसडी नौटियाल, सीओ डोईवाला अभिनव चौधरी आदि उपस्थित रहे।
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जवानों को ये प्रशिक्षण दिया
सेनानायक मणिकांत मिश्रा ने कहा कि जौलीग्रांट में पहली बार नागरिक पुलिस के जवानों को प्रशिक्षण दिया गया। जवानों को नए कानूनों, भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, भारतीय साक्ष्य अधिनियम के बारे में विशेष प्रशिक्षण के साथ ही ड्रिल प्रशिक्षण, यातायात नियंत्रण, भीड़ नियंत्रण, शस्त्र प्रशिक्षण, फील्ड क्राफ्ट, मैप रीडिंग, आपदा प्रबंधन का गहन अभ्यास कराया गया। रिक्रूट आरक्षियों को सीसीटीएनएस, ड्रोन तकनीक, सीसीटीवी फुटेज एनालिसिस, फोरेंसिक साइंस और साइबर अपराध जैसे विषयों में तकनीकी रूप से दक्ष किया गया।
उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जवान सम्मानित
दीक्षांत समारोह में ड्रिल प्रशिक्षण के लिए मयंक तिवारी, पुलिस प्रशिक्षण में प्रियांशु, फील्ड क्राफ्ट के लिए गौरव रावत, शस्त्र प्रशिक्षण में सुमित सिंह, फायरिंग में अमन को पुरस्कृत किया गया। शारीरिक प्रशिक्षण की परीक्षा में ललित मोहन, आउटडोर में मयंक तिवारी अव्वल रहे। इंडोर टॉपर के लिए मानवेंद्र शाह को चुना गया। परेड के नेतृत्व के लिए परेड कमांडर विकास सिंह और अनुशासन के लिए संदीप पटवाल को सम्मानित किया। बेस्ट टीचर के लिए एसआई प्रेमा कांडपाल, बेस्ट ड्रिल टीचर के लिए आरक्षी अरविंद सिंह, बेस्ट पीटी टीचर के लिए आरक्षी राहुल शर्मा, मेजर मैनेजमेंट के लिए मुख्य आरक्षी विजय कोठियाल और संपूर्ण प्रशिक्षण के लिए निरीक्षक प्रशिक्षण प्रमोद रावत को पुरस्कृत किया गया।
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पासिंग आउट परेड में शामिल हुए परिजन, खुशी से खिले चेहरे
फोटो
एसडीआरएफ में नौ महीने का प्रशिक्षण पूरा कर पुलिस महकमे में शामिल हुए जवान
संवाद न्यूज एजेंसी
ऋषिकेश/जौलीग्रांट। पासिंग आउट परेड में शामिल होने के लिए प्रदेश के अलग-जिलों से जवानों के माता-पिता एसडीआरएफ के मुख्यालय आए। परेड देखकर परिजन काफी खुश नजर आए। कार्यक्रम खत्म होने के बाद परिजन ग्रुप फोटो खिंचवाते नजर आए।
परिजन बोले- परिवार का सपना हुआ पूरा
देहरादून जिले के कालसी के लटऊ गांव निवासी आरक्षी प्रियांशु चौहान के पिता जवाहर सिंह ने कहा कि नौ माह के प्रशिक्षण लेकर बेटा पुलिस में शामिल हो रहा है। उनको खुशी हो रही है।
उत्तरकाशी के बर्नीगाड़ के स्यूंणी गांव निवासी आरक्षी सुरेंद्र चौहान के पिता परम सिंह ने कहा कि मेरा बेटा पुलिस में भर्ती हो गया है। बेटे की पासिंग आउट परेड देखने के लिए परिवार के पांच अन्य लोगों के साथ आए हैं।
उत्तरकाशी जिले के नौगांव देवलसारी निवासी आरक्षी राहुल नौटियाल के पिता गोविंदराम नौटियाल ने कहा कि पित्रों के आशीर्वाद से बेटे का पुलिस में भर्ती होने का सपना साकार हो गया है।
हरिद्वार जिले के अकोढ़ा खुर्द निवासी दीपक कर्णवाल के पिता मनोज कर्णवाल ने बताया कि बेटे की बचपन से ही पुलिस में भर्ती होकर प्रदेश की सेवा करने की इच्छा थी। बेटे की इच्छा पूरी हो गई। परिवार काफी खुश है।
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लोकसभा चुनाव और चारधाम में पुलिस की कमी दूर करेंगे जवान
जौलीग्रांट। एसडीआरएफ मुख्यालय से प्रशिक्षण प्राप्त कर 171 नागरिक पुलिस के जवानों को प्रदेश के विभिन्न जिलों में तैनाती मिल गई है। नागरिक पुलिस के यह जवान आगामी लोकसभा चुनावों और चारधाम यात्रा में पुलिस की कमी को पूरा करेंगे।
9 अक्टूबर 2013 को हुआ था गठन
9 अक्टूबर 2013 को तत्कालीन प्रदेश सरकार ने एसडीआरएफ की छह कंपनियों की एक वाहिनी को तीन चरणों में गठन करने का फैसला लिया था। देहरादून एयरपोर्ट के पास 57 एकड़ वन भूमि में एसडीआरएफ की स्थापना की गई।
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एसडीआरएफ से प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले जवान लोकसभा चुनाव और चारधाम यात्रा में पुलिस की कमी को पूरा कर बेहद उपयोगी साबित होंगे। - अमित कुमार सिन्हा, अपर पुलिस महानिदेशक