फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बागी विधायकों ने जवाब के लिए मांगा 15 दिन का वक्त

Sat, 26 Mar 2016 03:28 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून

सार

  • हाईकोर्ट से याचिका खारिज होने के बाद कांग्रेस के बागी विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष को पत्र भेजकर 15 दिन का समय जवाब देने के लिए आग्रह किया।
  • विधायकों की ओर से पत्र मिलने के बाद विधानसभा के साथ ही सरकार भी हरकत में आई।
विज्ञापन
हरक सिंह और विजय ‌बहुगुणा बाग‌ियों का नेतृत्व कर रहे हैं। - फोटो : file photo
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

उत्तराखंड के सियासी घमासान में शुक्रवार को नया मोड़ आया। हाईकोर्ट से याचिका खारिज होने के बाद कांग्रेस के बागी विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष को पत्र भेजकर दल बदल कानून के तहत जारी किए गए नोटिस के तहत साक्ष्य उपलब्ध कराने और 15 दिन का समय जवाब देने के लिए आग्रह किया।
विज्ञापन


विधानसभा अध्यक्ष ने जवाब में अतिरिक्त समय देने से साफ इनकार किया। अध्यक्ष ने नौ विधायकों से कहा है कि वह 26 मार्च को 11 बजे से लेकर दोपहर बाद एक बजे तक विधानसभा में आकर साक्ष्यों का अवलोकन कर सकते हैं। माना जा रहा है कि दल बदल कानून के तहत यह पत्र व्यवहार कानूनी दांव पेच का ही हिस्सा है।

विधायकों की ओर से पत्र मिलने के बाद विधानसभा के साथ ही सरकार भी हरकत में आई। शुक्रवार को विधानसभा में करीब चार घंटे तक बैठक चली जिसमें विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल के अलावा संसदीय कार्यमंत्री इंदिरा हृदयेश भी शामिल रहीं।
विज्ञापन


मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह भी कुछ समय के लिए विधानसभा पहुंचे। करीब चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद जवाब तैयार किए गए और पत्र लेकर आए प्रतिनिधियों को जवाब उपलब्ध कराए गए। स्पीकर गोविंद सिंह कुंजवाल और संसदीय कार्यमंत्री इंदिरा हृदयेश ने मामले में बात करने से इनकार कर दिया। इनका कहना था कि मामला प्रक्रिया में विचाराधीन है, लिहाजा इस पर कुछ नहीं कहा जा सकता।

सदस्यता बचाना है चिंता, जानिए क्या लिखा है पत्र में

हरक सिंह रावत - फोटो : file photo
माना जा रहा है कि 25 मार्च को भेजे गए पत्र के जरिए कांग्रेस के नौ विधायक 28 मार्च से पहले अपनी सदस्यता को समाप्त होने से बचाने की कोशिश में है। दल बदल कानून के तहत नौ विधायकों का यह पत्र कानूनी दांव पेच का भी हिस्सा है। वहीं सूत्रों के मुताबिक विधानसभा की ओर से विधायकों के इन पत्रों को कारण बताओ नोटिस के जवाब के रूप में भी देखा जा रहा है। विधानसभा अध्यक्ष के रुख से अब यह तय माना जा रहा है कि बागी विधायकों के खिलाफ दलबदल के तहत 27 मार्च तक कार्रवाई की जा सकती है।

क्या कहा नौ विधायकों ने
हरक सिंह समेत अन्य बागियों की ओर से विधानसभा अध्यक्ष को भेजे गए पत्र में कहा गया कि 19 मार्च, 2016 को दल बदल कानून के तहत उन्हें भेजे गए नोटिस का जवाब देने के लिए उन्हें वह साक्ष्य उपलब्ध कराए जाएं जिस आधार पर कारण बताओ नोटिस जारी किए गए।

इसके तहत 18 मार्च को सदन में उपस्थित सभी सदस्यों की सूची, 18 मार्च को विधानसभा के किसी भी सदस्य की ओर से सदन में उपस्थित की गई याचिका और उस पर विधानसभा अध्यक्ष की ओर से लिए गए निर्णय, सदन की 18 मार्च को एडिट न की गई फुटेज, सदन में सरकार के खिलाफ कांग्रेस विधायकों की ओर से नारेबाजी के पक्ष में साक्ष्य आदि की मांग की गई है। साथ ही बागी विधायकों ने कहा है कि कारण बताओ नोटिस में उन पर लगाए गए आरोप तथ्यहीन और सुनी सुनाई बातों पर आधारित हैं।

इसलिए कारण बताओ नोटिस का जवाब देने के लिए पर्याप्त साक्ष्यों का होना जरूरी है। यह भी कहा गया कि कारण बताओ नोटिस को समय-समय पर संशोधित किया गया। 19 मार्च को जारी किया गया पत्र उन्हें 23 मार्च को मिला। इस संदर्भ में क्योंकि अधिवक्ताओं से भी राय लेनी है और होली का अवकाश है, लिहाजा सात दिन का समय बेहद कम है। इसलिए 15 दिन का समय देने की मांग की गई।
विज्ञापन

क्या रहा स्पीकर का जवाब

गोविंद कुंजवाल - फोटो : file photo
स्पीकर की ओर से कहा गया कि संसदीय कार्यमंत्री इंदिरा हृदयेश की शिकायत के आधार पर 19 मार्च को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। याचिका और इससे संबंधित सभी अभिलेख विधायकों को उपलब्ध कराए गए थे।

इसके जवाब में 25 मार्च को विधायकों की ओर से छायाप्रति के रूप में दो पृष्ठ का उत्तर और छाया प्रतियों की मूल प्रति उपलब्ध कराई गई है। अध्यक्ष ने साफ किया कि कारण बताओ नोटिस के जवाब में विधायकों को जो भी कहना है या प्रमाण उपलब्ध कराना है या फिर अभिलेखों का अवलोकन करना है तो 26 मार्च को 11 बजे से लेकर एक बजे तक विधानसभा अध्यक्ष के कार्यालय कक्ष में उपस्थित होकर कर सकते हैं।

कारण बताओ नोटिस की समय अवधि 26 मार्च को शाम पांच बजे तक है। इस समय तक अपना पक्ष प्रस्तुत नहीं किया जाएगा तो एक पक्षीय कार्रवाई विधायक की अनुपस्थिति में कर दी जाएगी।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें