हाल में देश को राजनीतिक विकल्प देने का ऐलान करने वाले बाबा रामदेव रामनवमी को अपने सियासी दल का ऐलान करेंगे। इस बात के संकेत खुद योगगुरु ने दिए हैं।
इस बार रामनवमी 19 अप्रैल को पड़ रही है। इस मौके पर बाबा दिल्ली में अपने समर्थकों का विशाल सम्मेलन बुलाने की तैयारी कर रहे हैं।
बाबा के नजदीकी लोग बताते हैं कि सियासी संघर्ष के लिए नए विकल्प देने के लिए बाबा ने रामनवमी की तिथि बहुत सोच-समझ कर तय की है। रामनवमी में जहां अपने-आप अन्याय के खिलाफ जद्दोदहद का संकेत छिपा है, वहीं इसका बाबा के जीवन से भी गहरा नाता है।
बाबा ने इसी दिन संन्यास ग्रहण किया था। इस दिन रामदेव के संन्यास के 18 साल पूरे हो रहे हैं। बताया जाता है कि बाबा ने अब यूपीए सरकार को सीधे उसके गढ़ से ही चुनौती देने का मन बनाया है।
इसके लिए दिल्ली में एक अतिथि गृह भी खरीदा गया है जहां से बाबा अपनी सियासी गतिविधियां संचालित करेंगे। फिलहाल यह अतिथिगृह दिल्ली के किस इलाके में है और कितने में खरीदा गया, बाबा इसके बारे में अभी मौन ही हैं। वह कहते हैं बहुत जल्द सब जान जाएंगे।
बाबा रामदेव ने बताया कि वे भले ही कांग्रेस की आंखों में किरकिरी बने हुए हों, किंतु अब जनता सब समझ गयी है। भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने के लिए उन्हें सीबीआई ही नहीं, अपितु अनेक केंद्रीय इकाइयों के माध्यम से विचलित करने का प्रयत्न किया जा रहा है। वे कदापि विचलित नहीं हैं।
'देश को नया दल और विकल्प देने के लिए हम पूरी तरह तैयार हैं। केंद्र की कांग्रेस सरकार जितने भी जुल्मों सितम ढा सकती थी, वे ढाए जा रहे हैं। जनता को राजनीतिक दल देने का चिंतन उसी दिन कर लिया था जब दो वर्ष पूर्व दिल्ली के रामलीला मैदान से हमें और हमारे समर्थकों को बर्बर तरीके से बल प्रयोग करके खदेड़ा गया था। विकल्प देने में अब कोई देर नहीं होगी। शीघ्र ही कार्यक्रम की घोषणा की जाएगी।'
- बाबा रामदेव