उक्रांद की जिला और महानगर इकाई के कार्यकर्ताओं ने विधानसभा का घेराव किया। कार्यकर्ताओं ने स्थायी राजधानी गैरसैंण, उत्तर प्रदेश से परिसंपत्तियों का बंटवारा, भ्रष्टाचार पर रोक, क्षैतिज आरक्षण, राज्य को सूखाग्रस्त घोषित करने सहित प्रदेश के कई ज्वलंत मुद्दों उठाया। इस दौरान पुलिस प्रशासन से कार्यकर्ताओं की तीखी नोक-झोंक और झड़प हुई।
शुक्रवार को दोपहर 12:30 बजे उक्रांद कार्यालय कचहरी रोड से जिला और महानगर के करीब 600 कार्यकर्ता प्रिंस चौक होते हुए धर्मपुर-रिस्पना मार्ग पर पहुंचे। प्रगति विहार मार्ग से पहले ही पुलिस ने सभी आंदोलनकारियों को रोकने के लिए पहले से ही बैरिकेडिंग लगा रखी है।
इस पर गुस्साए प्रदर्शनकारियों और पुलिस प्रशासन के बीच तीखी नोक-झोंक हुई। उक्रांद कार्यकर्ताओं की जबर्दस्त नोक-झोंक में कई बार नौबत लात-घूसों तक भी पहुंच गई। इस दौरान केंद्रीय अध्यक्ष पुष्पेष त्रिपाठी, डॉ. नारायण सिंह जंतवाल, बीडी रतूड़ी, शक्ति शैल कपरवाण सहित कई प्रदेश स्तरीय नेता भी मौजूद थे।
सरकार के खिलाफ जमकर की नारेबाजी:
इस मौके पर जनपद इकाई अध्यक्ष डीके पाल ने बताया कि प्रदेश की स्थायी राजधानी गैरसैंण, उप्र से परिसंपत्तियों का बंटवारा, भ्रष्टाचार पर रोक, क्षैतिज आरक्षण, राज्य को सूखाग्रस्त घोषित करने सहित प्रदेश के कई ज्वलंत मुद्दों के संबंध में सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि ऐसे तमाम मुद्दों को सरकार जल्द से जल्द सुलझाए।
विधानसभा घेराव करने वालों में संजय क्षेत्री, जयप्रकाश उपाध्याय, वाहिद खान, बहादुर सिंह रावत, मुनफेद अहमद, एनएम शाहिल, संजय खंडूड़ी, पंकज व्यास, आनंद सिलवाना, माहेश्वरी चौहान, युद्धवीर सिंह चौहान, संदीप सिंह, विरेंद्र बिष्ट, प्रताप सिंह कुंवर व जय सिंह सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।