... गुमशुदा की सूचना देने वाले को पांच लाख का इनाम, ... कहीं पर दिखे तो सूचना दें, सूचना देने वाले को मिलेगा दो लाख रुपये का नगद इनाम, ... गुमशुदा की सूचना देने वाले को उचित इनाम दिया जाएगा।
उत्तराखंड के सभी रेलवे स्टेशन, बस अड्डों, अन्य सार्वजनिक जगहों पर चस्पा यह अपीलें हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच रही हैं। पहाड़ पर आई जलप्रलय के बाद लापता हुए लोगों की कोई सुध नहीं मिली तो परिजनों ने प्रिय की तलाश के लिए पैसों का दांव भी खेला है।
पढ़े, उत्तराखंड की खबरों की विशेष कवरेज
प्राकृतिक आपदा के बाद से अनेक लोग अपनों की तलाश में उत्तराखंड की खाक छान रहे हैं। लेकिन, कई अभागे ऐसे हैं, जिनके अपने अभी तक नहीं मिल पाए। सरकार-सिस्टम हर ओर से निराश हो चुके लोग ने अब तलाश के लिए इनाम का सहारा ले रहे हैं।
ग्राम झलारिया जिला इंदौर, मध्यप्रदेश से एक ही परिवार के सात लोग लापता हैं। इनके परिजनों ने भगवान सिंह, सुगनबाई, सपना बाई, रूप सिंह, इंदर सिंह, लीलाबाई और गजू बाई के बारे में जानकारी देने वालों के लिए पांच लाख रुपये का इनाम घोषित किया है।
लाखों रुपए के इनाम
ऋषिनगर लुधियाना के रहने वाले संदीप सलवान का बेटा सर्वेश सलवान 17 जून को रामबाड़ा और जंगलचट्टी के बीच से लापता हो गया था। बच्चे को उसके घर तक पहुंचाने के लिए पिता संदीप की ओर से दो लाख रुपये का इनाम देने की बात कही है।
आपदा से राहत देने के लिए पहाडों पर उतरी ‘देवियां’
बच्चे की सकुशल वापसी के लिए दो लाख रुपये देने को तैयार संदीप सहित अन्य सभी परिजनों को उम्मीद है कि उनके अपने कहीं दूर फंसे हैं और सुरक्षित हैं। यही उम्मीद है जो हर रोज उन्हें अपनों को तलाशने की ताकत देती है। फोन पर बजने वाली हर घंटी से लगता है कि कोई अपनों का पता देगा।
पोस्टर लगाने में बीत जाता है पूरा दिन
लापता लोगों के अनेक परिजनों का पूरा दिन सार्वजनिक स्थलों पर इनाम के पोस्टर लगाते बीत जाता है। हरिद्वार में दूरदराज से अनेक लोग आए हैं जो हर दिन सुबह से रात तक पोस्टर चिपकाते हैं, हर आने-जाने वाले से अपनों के बारे में पूछते हैं, रात को थक-हारकर कहीं सो जाते हैं और सुबह फिर से जुट जाते हैं, अपनों की तलाश में....।