उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में सड़कों के अंधाधुंध निर्माण और चौड़ीकरण से आपदा का खतरा बढ़ता जा रहा है। पहाड़ों के कटान से ‘डेंजर जोन’ बढ़ते जा रहे हैं।
निर्माण-चौड़ीकरण के दौरान निकलने वाले मलबे को सीधे नदियों-गदेरों में गिराया जा रहा है जिससे उनके तल ऊपर उठ गए हैं और बाढ़ कर खतरा भी बना हुआ है।
राज्य बनने के बाद गांवों को यातायात से जोड़ने के लिए सड़कों का निर्माण जारी है। बुआखाल-रामनगर राष्ट्रीय राजमार्ग समेत कई मार्गों पर डबल लाइन बनाने के लिए जगह-जगह चौड़ीकरण का कार्य हो रहा है। इसके अतिरिक्त एडीबी विश्वपोषित समेत विभिन्न योजनाओं के तहत भी प्रदेश में सड़कों का चौड़ीकरण हो रहा है।
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सड़कों के निर्माण में पहाड़ों का अंधाधुंध कटान हो रहा है। चट्टानों तो तोड़ने के लिए विस्फोट हो रहा है, जिससे भूस्खलन के नए डेंजर जोन बन रहे हैं। वहीं हजारों टन निकल रहे मलबे का निस्तारण ज्यादातर नदी और गदेरों में होता है, जो बाढ़ के दौरान आपदा को और बढ़ा देता है।
पूर्व जिला पंचायत सदस्य दलीप सिंह गुसाईं कहते हैं कि बुआखाल-रामनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर हो रहे चौड़ीकरण से पहाड़ों का कटान हो रहा है। नौगांव, कठोला, कोठी समेत सड़क के ऊपर कई गांव भूस्खलन की चपेट में आ गए हैं।
अब तक 11796 किलोमीटर बढ़ी सड़कों की लंबाई
राज्य बनने के बाद से अब तक प्रदेश में सड़कों की लंबाई 11796 किलोमीटर बढ़ गई है। लोनिवि के कनिष्ठ अभियंता (प्राविधिक) देहरादून के आरसी पंत ने बताया कि वर्ष 2000 में उत्तराखंड में सड़कों की लंबाई 24412 किलोमीटर थी।
अब सड़कों की यह लंबाई बढ़कर 36208 किलोमीटर हो गई है। विभाग के अनुसार वर्ष 2000 में लोनिवि के अधीन आने वाली सड़कों की लंबाई 15470 किलोमीटर थी। अब यह सड़कों की यह लंबाई बढ़कर 27235 हो गई है।
मलबा गदेरों-नदियों में हुआ डंप
अब तक सड़कों के निर्माण और चौड़ीकरण से निकले करीब 32 करोड़ घन मीटर मलबे का निस्तारण नदियों और गदेरों में हो चुका है। बाढ़ की तीव्रता बढ़ती जा रही है। पहाड़ों के कटान से भूस्खलन की संवेदनशीलता भी बढ़ रही है।
- डा. एसपी सती शोध अधिकारी भूगर्भ विज्ञान विभाग एचएनबी गढ़वाल केंद्रीय विवि श्रीनगर
पहाड़ों में सड़कों को डबल लाइन बनाने के लिए चौड़ाई का मानक 12 मीटर निर्धारित है। सड़क को 12 मीटर चौड़ा करने को पहाड़ों का कटान करना पड़ रहा है। पहाड़ों में इससे नुकसान भी हो रहा है।
- बलराम मिश्र अधिशासी अभियंता राष्ट्रीय राजमार्ग खंड धुमाकोट