उत्तराखंड के दौरे पर आए ब्रिटेन के राजकुमार प्रिंस चार्ल्स ने कहा कि भारत के लोगों को प्रकृति, पर्यावरण और जल संरक्षण की गहरी समझ है। यहां के लोगों का प्रकृति से शाश्वत लगाव भी है। उन्होंने कहा कि हमें अपनी आने वाली पीढ़ी के लिए अमूल्य जल का संरक्षण करना होगा।
पत्नी कैमिला पार्कर भी साथ
ब्रिटेन के राजकुमार प्रिंस चार्ल्स पत्नी कैमिला पार्कर के साथ भारत दौरे पर तीर्थनगरी ऋषिकेश पहुंचे। यहां परमार्थ निकेतन में आयोजित विशेष गंगा आरती में प्रतिभाग के दौरान अपने सुक्ष्म संबोधन में चार्ल्स ने कहा कि हमें प्रकृति के साथ चलना चाहिए और उससे प्राप्त संसाधनों के बदले उसे स्वच्छ रखने का योगदान भी देना चाहिए।
भारत को बताया घर
उन्होंने भारत को अपने घर जैसा बताया। आश्रम के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती मुनि ने कहा कि परमार्थ निकेतन की सांध्यकालीन गंगा आरती को प्रसन्नता बांटने वाला अवसर बताया। कहा कि 1997 में शुरू हुई यह सांध्यकालीन आरती वर्तमान में लोकजागरण का माध्यम बन गई है। उन्होंने प्रिंस को ग्रीन राजकुमार की संज्ञा दी और बताया कि प्रिंस द्वारा ब्रिटेन में संचालित चेरिटी प्रोग्राम के जरिए पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्य किया जा रहा है।
रुद्राक्ष की माला की भेंट
साध्वी भगवती सरस्वती ने उन्हें आश्रम संस्था द्वारा पर्यावरण और गंगा संरक्षण के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। आश्रम की ओर से स्वामी चिदानंद सरस्वती ने प्रिंस चार्ल्स और उनकी पत्नी को फूलों, रुद्राक्ष के साथ ही चमेली, मोगरा से बनी माला भेंट की। इस अवसर पर शाही मेहमानों को विशेषरूप से गढ़वाल में निर्मित शॉल और गंगाजलि भेंट की गई। इस अवसर पर ब्रिटिश दूतावास और राज्य सरकार के कई अधिकारी मौजूद रहे।