सेरा गांव के ग्रामीणों ने कलक्ट्रेट पहुंचकर किया प्रदर्शन
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साहब ऑलवेदर सड़क का मलबा डालने से हमारा गांव खतरे में आ गया है। हमारी जमीन तबाह हो गई है और सिंचाई गूल, पेयजल लाइन टूट गई हैं। ऐसे में गांव से पलायन करना मजबूरी बन गया है। मलबा डालने पर रोक लगा दीजिए। गोगना गांव के सेरा तोक के ग्रामीणों ने कलक्ट्रेट पहुंचकर यह गुहार लगाई। उन्होंने मलबा डालने पर रोक न लगने पर जिला मुख्यालय में धरने पर बैठने की चेतावनी दी।
बृहस्पतिवार को सेरा के ग्रामीण प्रधान नीमा वल्दिया के नेतृत्व में कलक्ट्रेट पहुंचे और प्रदर्शन करते हुए डीएम को ज्ञापन दिया। उन्होंने कहा कि ऑलवेदर सड़क का मलबा उनके गांव के ऊपर डाल दिया गया है। मलबा डालने से उनका जंगल बर्बाद हो गया है और पैदल रास्ते पूरी तरह टूट चुके हैं। गांव के नजदीक गधेरे में मलबा भरने से बारिश के दौरान गांव की तरफ भू कटाव हो रहा है इससे उनके घर खतरे में आ गए हैं। सिंचाई गूल और पेयजल लाइन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं।
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हालात यह हैं कि खतरे को देखते हुए ग्रामीण अपने घरों को छोड़कर पलायन कर रहे हैं। मलबा डालने पर रोक लगाने की मांग पर कई बार शासन-प्रशासन को पत्र भेजे गए लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई है। कहा उनकी सुरक्षा को पूरी तरह अनदेखा किया जा रहा है। चेतावनी देते हुए कहा यदि गांव के ऊपर मलबा डालने पर रोक लगाने के साथ सिंचाई गूल और पेयजल लाइनों को ठीक नहीं किया गया तो वे जिला मुख्यालय में धरना शुरू कर देंगे। प्रदर्शन करने वालों में सुनीता वल्दिया, महेश सिंह, सागर सिंह, राजेंद्र सिंह, कल्याण बिष्ट, प्रेम सिंह, जगत सिंह, गोविंद सिंह वल्दिया आदि शामिल रहे।