लंबे समय से बंद दयाकोट-गैराड़ सड़क से मलबा हटाती जेसीबी। संवाद
अस्कोट (पिथौरागढ़)। जल्द ही दयाकोट-गैराड़ सड़क पर वाहन दौड़ेंगे। पांच साल से बंद इस सड़क को खोलने का काम शुरू हो गया है। इस सड़क पर वाहनों की आवाजाही शुरू होने से क्षेत्र की डेढ़ हजार से अधिक की आबादी को पैदल सफर नहीं करना होगा। वहीं, मरीजों और गर्भवतियों को डोली के सहारे अस्पताल पहुंचाने की मजबूरी भी खत्म हो जाएगी।
दयाकोट और गैराड़ गांवों को जोड़ने के लिए पांच साल पहले विधायक निधि से चार किलोमीटर सड़क का निर्माण हुआ था। बनते ही यह सड़क जगह-जगह मलबा गिरने से बंद हो गई थी। तब से इस सड़क को खोलने की पहल किसी ने नहीं की। ऐसे में ग्रामीण गांवों से निकलने से पैदल आवाजाही करने के लिए मजबूर थे। वहीं, बीमारों और गर्भवतियों को भी डोली के सहारे अस्पताल पहुंचाना मजबूरी बना हुआ था।
बीते दिनों अस्कोट पहुंचे केंद्रीय सड़क और परिवहन मंत्री अजय टम्टा से क्षेत्र के लोगों ने सड़क खोलने के साथ ही इसे लोनिवि को हस्तांतरित करने की गुहार लगाई। लोगों की परेशानी को समझते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री ने इन समस्याओं का उचित समाधान करने के निर्देश दिए। इसका असर हुआ है और लोनिवि ने जेसीबी मशीन भेजकर सड़क खोलने का कार्य शुरू कर दिया है। लोनिवि के सहायक अभियंता जगत सिंह बोरा ने कहा कि जल्द ही सड़क पर वाहनों की आवाजाही शुरू करा दी जएगी। हस्तांतरण की कार्रवाई भी शुरू की जाएगी। हालांकि इसमें थोड़ा समय लग सकता है।