पिथौरागढ़। सीमांत की लाइफलाइन कही जाने वाली सड़क बीते दस दिनों से स्वांला के पास बंद चल रही है। इसके चलते सीमांत के व्यापारियों, ट्रांसपोर्टरों का टनकपुर के गोदाम में माल डंप हो गया है। हल्द्वानी के रास्ते सामान मंगाने में उन्हें ढुलाई के लिए अतिरिक्त धनराशि खर्च करनी पड़ रही है। एक अनुमान के मुताबिक सीमांत के व्यापारियों को इन दस दिनों में अब तक दो अरब से अधिक का नुकसान हो चुका है।
चीन सीमा को जोड़ने वाली सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण पिथौरागढ़-टनकपुर राष्ट्रीय राजमार्ग स्वांला के पास भारी मलबा आने से 23 अगस्त को बंद हो गई थी। इसके चलते सीमांत जिले के करीब 10 हजार से अधिक छोटे-बड़े व्यापारियों के अलावा लोहाघाट, चंपावत के व्यापारी परेशान हैं। कई ट्रक सब्जी भी सड़क बंद होने से खराब हो गई है और बाजारों में जरूरी सामान की भी किल्लत होने लगी है। बड़े व्यापारियों के टनकपुर में स्थित गोदाम भरे हैं। अब उनके पास सामान रखने के लिए जगह नहीं हैं। गोदामों के भरने के बाद कई व्यापारियों के सामान से लदे बड़े वाहन टनकपुर, चल्थी आदि स्थानों पर रुके हैं। व्यापारियों का कहना है कि ये सड़क सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। कार्यदायी संस्थाओं को तेजी से सड़क खोलने का कार्य करना चाहिए। अगर कार्यदायी संस्थाएं सड़क खोलने में सक्षम नहीं हैं तो आर्मी को बुलाकर सड़क खोलनी चाहिए।
पीलीभीत से रोजाना आती है 40 ट्रक सब्जी
पिथौरागढ़। सीमांत जिले पिथौरागढ़ में प्रतिदिन 40 ट्रक सब्जी आती है। सड़क बंद होने से सब्जी व्यापारियों को अभी तक 20 करोड़ से अधिक रुपये का नुकसान हो गया है। सब्जी व्यापारी भूरे मियां अंसारी का कहना है कि हल्द्वानी से सब्जी मंगाने में अतिरिक्त खर्चा आ रहा है।
रोडवेज को रोजाना छह लाख रुपये का नुकसान
पिथौरागढ़। स्वाला के पास एनएच के बंद होने से देहरादून, दिल्ली, टनकपुर, खटीमा सहित अन्य महानगरों को जाने वाले लोग परेशान हैं। सड़क के बंद होने से रोडवेज को प्रतिदिन छह लाख रुपये का नुकसान हो रहा है। एआरएम आरके आर्या ने बताया कि रोडवेज को इन 10 दिनों में 60 लाख रुपये का नुकसान हो गया है।
सड़क पर मलबे से धंधा हुआ मंदा, बे-पटरी हुई जिंदगी
लोहाघाट (चंपावत)। स्वांला पर 23 अगस्त से आए मलबे से बंद राष्ट्रीय राजमार्ग ने लोहाघाट क्षेत्र के कारोबार को बे-पटरी कर दिया है। शहर में निर्माण सामग्री की कमी होने के साथ ही निजी लोगों के निर्माण कार्य भी बंद हो गए हैं। व्यापारियों में भी सड़क खोलने में हो रही देरी से नाराजगी है। उनका कहना है कि सामान से भरे ट्रक रास्ते में फंसे हैं। साथ ही सीमेंट के खराब होने का भी अंदेशा है।