दिनेश अवस्थी
पिथौरागढ़। अल्मोड़ा संसदीय क्षेत्र के चारों जिलों में 1250 ऐसे गांव हैं जहां आज भी संचार की कोई व्यवस्था नहीं है। लोगों को संचार सुविधा मुहैया कराने के लिए बीएसएनएल की ओर से पिथौरागढ़, चंपावत, बागेश्वर और अल्मोड़ा जिले में 173 टावर लगाए जा रहे हैं।
पिथौरागढ़ जिले के दोबांस और नेपाल सीमा से लगे गांव गिठीगड़ा, कुनकटिया, रणवा, घिंघरानी, बारमो, खर्कतड़ी, धामीगौड़ा, बथोली समेत कई तोकों में ग्रामीणों को बात करने के लिए पहाड़ों की चोटियों और पेड़ों पर चढ़ना पड़ता है। दोबांस के सामाजिक कार्यकर्ता खीमराज जोशी ने बताया कि बीएसएनएल का टावर दोबांस में लगा है लेकिन उससे आसपास ही नेटवर्क मिलता है। 70 फीसदी तोकों में यह काम नहीं करता है।
धामीगौड़ा में जीओ का टावर लगा है लेकिन इसमें भी नेटवर्क की दिक्कत रहती है। बीएसएनएल के जीएम महेश सिंह निर्खुपा ने बताया कि 173 टावर में से 50 लगा दिए गए हैं। बार्डर आउट पोस्ट पर 24 टॉवर मुनस्यारी के मिलम से धारचूला के गुंजी तक लगाए जाने हैं। इससे उच्च हिमालयी क्षेत्र में सुरक्षा में जुटे सैनिकों को सुविधा होगी। उन्होंने बताया कि अगले वर्ष तक नेपाल सीमा के सभी बीओपी में संचार सुविधा उपलब्ध होगी। संवाद
ऑप्टिकल फाइबर से जुड़ेंगी ग्राम पंचायतें
पिथौरागढ़। बीएसएनएल के जीएम महेश सिंह निर्खुपा ने बताया कि भारत नेट प्रोजेक्ट के तहत उत्तराखंड की 7966 ग्राम पंचायतों को ऑप्टिकल फाइबर से रिंग कनेक्टिविटी से जोड़ने की कवायद की जा रही है। संवाद