पिथौरागढ़-चंडाक रोड पर बना गड्ढा। संवाद
पिथौरागढ़। पर्यटक स्थल चंडाक सहित गोरंगघाटी के 40 से अधिक गांवों को जोड़ने वाली सड़क बरदानी मंदिर से पहले झरने के पास बदहाल है। ऊपर की पहाड़ी से लगातार पानी गिरने से सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। पानी निकासी की कोई व्यवस्था नहीं होने से सड़क धंस रही है। इसके चलते सड़क पर हादसों की संभावना बनी हुई है और यात्री, पर्यटक, वाहन चालक इस पर जान जोखिम में डालकर आवाजाही करने के लिए मजबूर हैं।
पिथौरागढ़-चंडाक रोड पर लगातार वाहनों की आवाजाही रहती है। प्रतिदिन दर्जनों पर्यटक चंडाक, मोस्टामानू की ओर जाते हैं। गांवों से स्कूली बच्चे, युवा और अन्य लोग जरूरी कार्यों के लिए जिला मुख्यालय पहुंचते हैं। झरने के पास ऊपर से लगातार पानी सड़क पर गिरता रहता है। पानी निकासी नहीं होने से करीब 15 मीटर सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। साथ ही सड़क नीचे की ओर धंस भी रही है। सड़क खराब होने से अक्सर दुर्घटना का खतरा बना रहता है। बरसात के समय तो सड़क की स्थिति बेहद खराब हो जाती है। खड़कोट वार्ड के पूर्व सभासद किशन सिंह खड़ायत ने बताया कि सड़क पर कई बार दो पहिया वाहन चालक गिरकर चोटिल भी हो चुके हैं। चंडाक रोड पर प्रशासन की ओर से अक्सर सफाई अभियान भी चलाया जाता है। बावजूद इसके सड़क की स्थिति लगातार खराब होते जा रही है। नीचे चट्टान होने और ऊपर पहाड़ी के पार झील साइड में पेयजल लाइन होने से यहां नाली भी नहीं बन पा रही है।
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संकरी सड़क पर दुर्घटना का है खतरा
चंडाक सड़क पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। वहीं मोस्टमानू मंदिर और इसके पास बन रहे मेडिकल कॉलेज को यह सड़क जोड़ती है। सड़क के संकरी होने से दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। लंबे समय से जिले के साथ ही गोरंगघाटी के ग्रामीण इस सड़क के चौड़ीकरण की मांग कर रहे हैं लेकिन अब तक ऐसा संभव नहीं हो सका है।
कोट
वन विभाग के विश्राम गृह के पास से चंडाक तक छह किलोमीटर सड़क चौड़ीकरण का कार्य किया जाना है। इसका छह करोड़ रुपये का आंगणन बनाकर शासन को भेजा गया है। पेयजल लाइन भी शिफ्ट की जानी है। सड़क पर बने गड्ढों को भरने का कार्य शीघ्र किया जाएगा। - दिनेश जोशी, सहायक अभियंता लोक निर्माण विभाग पिथौरागढ़