पिथौरागढ़। उत्तराखंड रिसर्च ग्रुप ने राज्य के जिला अस्पतालों को प्राप्त होने वाली वार्षिक अनुदान राशि में गिरावट की रिपोर्ट सार्वजनिक की है। इसमें चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार विभाग उत्तराखंड की ओर से जिला चिकित्सालयों और जिला महिला चिकित्सालयों को दी जाने वाले राशि में वर्ष 2015-16 से लगातार कमी दर्ज की गई है। अस्पतालों को मिलने वाले बजट में कटौती के कारण अस्पतालों की व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हो पा रहा है। इसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
प्रदेश के 12 जिलों के 18 चिकित्सालयों को वर्ष 2015-16 में स्वास्थ्य विभाग की ओर से 29 करोड़ एक लाख 25 हजार की राशि आवंटित की गई है। इन अस्पतालों को विभाग से 2016-17 में 14.27 करोड़ की राशि मिली है। वित्तीय वर्ष 2017-18 में यह राशि घटकर 10.17 करोड़ पहुंच गई। बजट में कमी वर्ष 2017-18 में भी जारी रही। इस वर्ष जिला अस्पतालों को 6.49 करोड़ का बजट मिला है। वर्ष 2019-20 अनुदान की राशि में कुछ वृद्धि देखने को मिली। इस वर्ष 7.84 करोड़ का अनुदान मिला। इसके बावजूद यह राशि वर्ष 2015-16 की तुलना में 70 प्रतिशत कम रही। कोविड महामारी से प्रभावित रहे वर्ष 2020-21 में अनुदान की राशि में कुछ बढ़ोतरी देखने के लिए मिली। इस वर्ष प्रदेश के 18 जिला चिकित्सालयों को 14.72 करोड़ का अनुदान प्राप्त हुआ।
जिला अस्पताल रुद्रप्रयाग और चमोली को प्राप्त हुए अनुदान में आई 80 प्रतिशत की कमी
पिथौरागढ़। वर्ष 2015-16 से वर्ष 2019-20 के बीच अनुदान में आई कमी को चिकित्सालयवार देखने पर पता चलता है कि जिला अस्पताल रुद्रप्रयाग और चमोली को मिले अनुदान में 80 प्रतिशत से अधिक की कमी दर्ज की गई है। जिला चिकित्सालय हरिद्वार, बागेश्वर, नैनीताल, पौड़ी गढ़वाल, पिथौरागढ़ को वर्ष 2019-20 में प्राप्त हुए अनुदान में 2015-16 की तुलना में 50 प्रतिशत से अधिक की कमी रही।
पिथौरागढ़ जिला और और महिला अस्पताल को मिलने वाले अनुदान में भी कमी
पिथौरागढ़। जिला अस्पताल पिथौरागढ़ को छह वित्तीय वर्षों में 2015-16 से 2020-21 के बीच छह करोड़ 41 लाख का अनुदान चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग से मिला है। वर्ष 2015-16 में 1.80 करोड़, 2017-18 और 2018-19 में एक-एक करोड़ बजट मिला। वर्ष 2019-20 में 90 लाख रुपये की राशि मिली। कोविड प्रभावित रहे वर्ष 2020-21 में 1.51 करोड़ की राशि मिली। वहीं महिला अस्पताल को वर्ष 2015-16 से वर्ष 2020-21 तक सिर्फ 2.79 करोड़ की राशि मिली है। वर्ष 2020-21 में अस्पताल को 69 लाख का अनुदान मिला है। 2015-16 में 65 लाख, 2016-17 में 55 लाख, 2017-18 में 50 लाख और 2019-20 में 40 लाख की धनराशि मिली।