पिथौरागढ़ जिले भर के माध्यमिक शिक्षकों ने कार्य बहिष्कार कर प्रधानाचार्य की सीधी भर्ती का विरोध करते हुए रैली निकाली और सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर धरना दिया। उन्होंने कहा प्रधानाचार्य की सीधी भर्ती से उनके लिए पदोन्नति के रास्ते बंद कर दिए गए हैं। इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
शुक्रवार को जिले भर के माध्यमिक शिक्षक जिला मुख्यालय में एकत्र हुए और सीईओ कार्यालय से कलक्ट्रेट तक सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए रैली निकाली। बाद में उन्होंने कलक्ट्रेट के बाहर धरना दिया। उन्होंने कहा कि पूर्व में प्रधानाचार्य के पद पदोन्नति से भरे जाते रहे हैं। अब सरकार ने प्रधानाचार्य की सीधी भर्ती का निर्णय लेकर प्रवक्ता और एलटी संवर्ग के शिक्षकों के लिए पदोन्नति के रास्ते बंद कर दिए हैं। प्रदेश भर में आठ हजार से अधिक प्रवक्ता हैं। सरकार के तय मानकों के अनुसार सिर्फ 2100 प्रवक्ता ही प्रधानाचार्य भर्ती में शामिल हो रहे हैं।
एलटी संवर्ग को भर्ती में शामिल होने का मौका ही नहीं दिया गया है। पदोन्नति हर कर्मी का अधिकार है, इससे वंचित रखना सरासर गलत है। चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने यह निर्णय वापस नहीं लिया तो प्रदेश भर के माध्यमिक शिक्षक 14 सितंबर से देहरादून में आमरण अनशन शुरू कर देंगे। वहीं अन्य शिक्षक संगठनों ने भी माध्यमिक शिक्षकों के समर्थन में धरना दिया। धरना देने वालों में राजकीय शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष भूपेंद्र भंडारी, जिला मंत्री प्रवीण रावल, पूर्व जिलाध्यक्ष गोविंद भंडारी, जनक बिष्ट, गोविंद खड़ायत, लक्ष्मी दत्त जोशी, ज्योति वर्मा सहित कई शिक्षक शामिल रहे।
शिक्षकों की हड़ताल से पढ़ाई प्रभावित
शिक्षकों की हड़ताल से जिले भर में संचालित 128 इंटर कॉलेज और 87 हाईस्कूलों में पढ़ाई प्रभावित रही। शिक्षक कार्य बहिष्कार करते हुए जिला मुख्यालय पहुंचे और 15 हजार से अधिक विद्यार्थी कक्षाओं में खाली बैठे रहे।