पिथौरागढ़ में आयोजित बैठक में जनमंच के पदाधिकारी और अन्य लोग। संवाद
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पिथौरागढ़। जनमंच के आह्वान पर सरस्वती विहार कॉलोनी सहित आसपास क्षेत्र के लोगों की बैठक में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। बैठक में मुख्य रूप से केएनयू राइंका परिसर से इंजीनियरिंग कालेज को मड़धूरा स्थानांतरित करने, जीआईसी से सुकौली सड़क में हुए डामरीकरण को दोबारा करने और क्षेत्र की पेयजल आपूर्ति सुचारु करने की मांग उठाई गई।
जनमंच के संयोजक भगवान रावत की अध्यक्षता में जीआईसी परिसर में आयोजित बैठक में वक्ताओं ने कहा कि केएनयू राइंका परिसर में इंजीनियरिंग कालेज संचालित किया जा रहा है, जबकि करोड़ों की लागत से मड़धूरा में भवन बनाया गया है। इसके बावजूद जीआईसी परिसर में बनाए गए जिला पुस्तकालय के समीप ही इंजीनियरिंग कालेज का प्रवेश द्वार बनाया जा रहा है।
बैठक में जीआईसी से सुकौली मार्ग में हुए घटिया हॉटमिक्स पर भी सवाल उठाते हुए दोबारा डामरीकरण करने की मांग उठाई। कहा कि वर्षों तक गड्ढों की समस्या से जूझ रही जनता को करोड़ों खर्च करने के बाद भी समस्या से छुटकारा नहीं मिला। इसके अलावा गर्मी शुरू होते ही पेयजल किल्लत पर भी नाराजगी जताई। सभी लोगों ने शीघ्र पेयजल आपूर्ति सुचारु करने की मांग उठाई। जनमंच बैठक में उठी सभी समस्याओं पर एक ज्ञापन सोमवार को जिलाधिकारी को सौंपेगा। वहां हेम उप्रेती, बसंत बल्लभ पंत, नैन सिंह रावत, नंदन सिंह रावत, पुष्कर सिंह रावत, होशियार सिंह ठकुराठी आदि थे।