जिले के सरकारी स्कूलों की बदहाल शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ बृहस्पतिवार को स्टूडेंट फेडरेशन आफ इंडिया (एसएफआई) कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी दफ्तर के सामने प्रदर्शन किया।
उन्होंने कहा कि सरकारी तंत्र की लापरवाही से शिक्षा व्यवस्था चौपट हो रही है। विद्यालयों में शिक्षकों की कमी है। सेवारत शिक्षक स्कूल में पढ़ाने के बजाए ट्यूशन पर ज्यादा ध्यान देते हैं और ट्यूशन नहीं पढ़ने वालों को फेल करने की धमकी दी जाती है।
एसएफआई की ओर से डीएम को दिए गए ज्ञापन में कहा गया है कि छात्रों का बड़ा हिस्सा कंप्यूटर ज्ञान से वंचित है। सरकारी स्कूलों में स्वच्छता, शौचालयों की व्यवस्था पर भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
लंबे समय से जर्जर हालत में पड़े शौचालयों की मरम्मत नहीं की जा रही है। सरकारी छात्रवृत्ति देने में जान-बूझकर देरी की जाती है। अधिकारी शासन से बजट नहीं मिलने का बहाना बनाते रहते हैं।
मिड-डे-मील के स्तर को जांचने वाला कोई नहीं है। छात्रों से ली जाने वाली फीस में सभी प्रकार के व्यय शामिल रहते हैं लेकिन समय-समय पर अलग-अलग कार्यक्रमों के बहाने अतिरिक्त राशि वसूली जाती है।
एसएफआई ने मांग की कि इन मामलों की जांच की जाए और व्यवस्था में सुधार लाया जाए। प्रदर्शन में मो. आदिल, मो. साहिल, अजीम राइन, गौरव उप्रेती, सोनाली, लक्ष्मी जोशी, किरन जोशी, मुकुल आदि थे।