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सेना भर्ती की लिखित परीक्षा न होने से युवा और अभिभावक परेशान

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पिथौरागढ़। रानीखेत में हुई सेना भर्ती की लिखित परीक्षा का इंतजार कर रहे युवा बेहद मायूस हैं। सेना भर्ती के फिजिकल और मेडिकल टेस्ट में सफल अभ्यर्थियों के अभिभावकों में भी निराशा साफ देखी जा सकती है। उन्होंने कहा कोराना के चलते लिखित परीक्षा बार-बार टाली गई लेकिन चुनाव नहीं टाले गए।
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थल सेना भर्ती कार्यालय पिथौरागढ़ के अधीन दो से 10 मार्च 2020 तक सेना छावनी रानीखेत में हुई भर्ती के अभ्यर्थियों की लिखित परीक्षा एक नवंबर को पिथौरागढ़ के जनरल बीसी जोशी आर्मी पब्लिक स्कूल में आयोजित होनी थी। प्रवेश पत्र बंटने के बाद परीक्षा को कोविड के चलते दो बार स्थगित कर कर दिया गया है। इससे भर्ती में सफल अभ्यर्थी तनाव में हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि लिखित परीक्षा होती तो असफल होने पर अन्य भर्ती की तैयारी तो करते। कई युवाओं की उम्र भर्ती की आयु सीमा को पार करने वाली है। किसी के पास सेना भर्ती के लिए अब अवसर कम रह गए हैं।
भर्ती हुए एक साल से अधिक का समय हो गया है लेकिन अभी तक लिखित परीक्षा नहीं हुई है। लिखित परीक्षा होती, उसके परिणाम आशा के अनुरूप नहीं हाते तो अन्य भर्ती की तैयारी करते। - सागर, अभ्यर्थी।
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लिखित भर्ती परीक्षा की तिथि तय की गई। प्रवेश पत्र भी बांटे गए लेकिन कोरोना संक्रमण के कारण परीक्षा केा स्थगित कर दिया गया। लिखित परीक्षा को तो कोविड लील गया लेकिन चुनाव हो रहे हैं। - विजय, अभ्यर्थी
भर्ती में बेटे को सफल हुए एक साल से अधिक का समय हो गया है लेकिन अभी तक किसी ने भी भर्ती की लिखित परीक्षा के बारे में किसी ने भी नहीं सोचा। सभी कोविड की बात करते हैं। - लक्ष्मण मेहता, अभिभावक
लिखित परीक्षा से सबको परहेज है। राजनीतिक कार्यक्रम, विधानसभा चुनाव एक साल के बीच हुए मगर लिखित परीक्षा की बात किसी ने नहीं की। रोजगार की चिंता तो किसी को है ही नहीं। - गंगा बिष्ट, अभिभावक
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