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ब्लॉक डीडीहाट फिर भी कनालीछीना में काम के लिए लगा रहे चक्कर

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डीडीहाट नगर। - फोटो : PITHORAGARH
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अस्कोट (पिथौरागढ़)। ग्राम पंचायत हचीला और तोली चुफात की पांच हजार की आबादी कनालीछीना तहसील में मिलाने से बेहद नाराज है। उन्होंने कहा कि उनकी सहमति या जानकारी के बिना ही दोनों ग्राम पंचायतों को तहसील कनालीछीना में शामिल कर दिया गया।
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अब उन्हें काम के लिए पहले तहसील कनालीछीना जाना पड़ता है। उसके बाद एसडीएम के हस्ताक्षर के लिए डीडीहाट जाना पड़ता है। इस काम के लिए ग्रामीणों को दोनों तरफ 30 किमी की यात्रा करनी पड़ती है। इससे उनके अनमोल समय की बर्बादी होती है।
उन पर आर्थिक भार भी पड़ता है। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने कहा कि जब इन ग्राम पंचायतों को डीडीहाट ब्लॉक में शामिल किया है तो तहसील भी डीडीहाट में ही होनी चाहिए। उनका ब्लॉक और तहसील एक ही जगह होनी चाहिए।
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दोनों ग्राम पंचायतों का ब्लॉक डीडीहाट है लेकिन हर काम के लिए उन्हें तहसील कनालीछीना जाना पड़ रहा है। इससे समय की बर्बादी हो रही है। आर्थिक रूप से भी ग्रामीणों को दिक्कत उठानी पड़ रही है।
-पुष्पा देवी, उप प्रधान।
ग्रामीणों की सहमति के बिना हचीला और तोली चुफात को तहसील कनालीछीना में मिला दिया। ऐसा परिसीमन कब किया गया, पता ही नहीं चला। हालांकि ग्रामीण इस बदलाव का विरोध करते रहे हैं।
-प्रेम सिंह नेगी, पूर्व सैनिक।
किसी भी काम के लिए पहले 15 किमी दूर तहसील कनालीछीना जाओ। फिर उसके बाद 15 किमी डीडीहाट ब्लॉक आकर अपनी जरूरी काम कराओ। ये ग्रामीणों के साथ बिल्कुल अन्याय है।
-जगत सिंह खोलिया, सहायक अध्यापक।
शासन-प्रशासन के सामने समस्या रखी गई लेकिन किसी ने भी ध्यान नहीं दिया। ग्रामीणों को अपने छोटे से काम के लिए भी तीस किमी की दौड़ लगानी पड़ रही है। जिनके पास साधन नहीं उन्हें तो काम में कई दिन लग रहे हैं।
-गंभीर सिंह खोलिया, पूर्व प्रधान।
ग्राम पंचायत हचीला और तोली चुफात का ब्लॉक और तहसील एक ही जगह बनाने के लिए अभियान चलाया जाएगा। शासन-प्रशासन के सामने इस समस्या को प्रमुखता से रखा जाएगा।
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-जमन सिंह नेगी, पूर्व प्रधान।
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