पिथौरागढ़/चंपावत/लोहाघाट। माध्यमिक अतिथि शिक्षक संघ ने तीन सूत्री मांगों के लिए सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा दो माह बाद भी पदों को रिक्त नहीं माना गया है और न ही गृह जनपद में तैनाती का शासनादेश जारी किया गया है। वेतन वृद्धि में भी विसंगतियां देखने को मिल रही हैं। अतिथि शिक्षकों ने सरकार से शीघ्र फैसला लेने की मांग की।
माध्यमिक अतिथि शिक्षक संघ अध्यक्ष मनोज कुमार पांडेय के नेतृत्व में अतिथि शिक्षकों ने रामलीला मैदान पिथौरागढ़ में सरकार के खिलाफ नारे लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार ने अतिथि शिक्षकों के हित में तीन फैसले लिए थे।
दो माह बाद भी कार्यरत अतिथि शिक्षकों के पदों को रिक्त मानने और प्राथमिकता के आधार पर उन्हें गृह जनपदों में तैनाती देने का शासनादेश जारी नहीं किया गया है। महिला उपाध्यक्ष रेखा जोशी ने चुनाव से पहले शासनादेश जारी करने की मांग की। वहां किरन पंत, घनश्याम जोशी, चंद्रमोहन पुजारा, आनंद सिंह बिष्ट, जगत सिंह खोलिया, सोहन सिंह गोबाड़ी आदि थे।
वहीं तीन सूत्री मांगों के लिए चंपावत, लोहाघाट, पाटी, बाराकोट में अतिथि शिक्षकों ने दो दिनी कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया है। इस दौरान अतिथि शिक्षकों ने बीईओ को ज्ञापन सौंपे। वहां ब्लॉक अध्यक्ष प्रदीप नाथ, संजीव भट्ट, चंचल सिंह कुंवर, अशोक कुमार, विजय मथेला, डॉ. लता राणा आदि थे।
बीआरसी लोहाघाट में माध्यमिक अतिथि शिक्षकों ने धरना दिया। उत्तराखंड कांग्रेस चुनाव प्रबंधन समिति के सदस्य प्रशांत वर्मा, यूथ कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता भुवन चौबे ने अतिथि शिक्षकों के आंदोलन को समर्थन दिया। बसंत बोहरा की अध्यक्षता में सुभाष गोस्वामी ने संचालन किया। इस मौके पर ज्योत्सना बोहरा, अनामिका पंत, पूनम त्रिपाठी, तनुजा राय, रेखा टम्टा, गुंजन सगटा आदि रहीं।
पाटी में दिनेश चम्याल के नेतृत्व में विधायक पूरन फर्त्याल के माध्यम से सीएम को ज्ञापन भेजा गया। इस मौके पर नीमा गहतोड़ी, उमेश चंद्र मिश्रा, सुरेश लाल, किशोर कुमार, हरीश चंद्र जोशी, विक्रमनाथ आदि रहे।