टनकपुर (चंपावत)। क्षेत्र के प्रमुख उप जिला अस्पताल में रक्त केंद्र न होने से जरूरतमंदों को खटीमा, हल्द्वानी की दौड़ लगानी पड़ रही है। अस्पताल प्रबंधन ने करीब चार माह पहले ही रक्त केंद्र की आवश्यकता को लेकर प्रस्ताव विभाग को भेज दिया है। रक्त केंद्र न होने से जरूरतमंदों को खटीमा और अन्य जगह से रक्त की व्यवस्था करनी पड़ रही है।
पहाड़ के प्रवेश द्वार टनकपुर उप जिला अस्पताल में लंबे समय से रक्त केंद्र की कमी अक्सर खलती है। अस्पताल के मरीजों को रक्त के लिए खटीमा, रुद्रपुर और अन्य जगह के अस्पतालों में जाना मजबूरी बना हुआ है। उप जिला अस्पताल प्रबंधन पिछले कई वर्षों से निरंतर विभाग को अवगत कराया जा रहा है। उप जिला अस्पताल में चंपावत हाइवे पर होने वाले हादसे हो या टनकपुर बनबसा के बड़े हिस्से के जरूरतमंदों की तात्कालिक चिकित्सा का कार्य रहता है। इसमें हादसों में घायलों को तत्काल रक्त चढ़ाने के लिए अस्पताल प्रबंधन को मजबूरन अन्यत्र रेफर करना पड़ता है।
अस्पताल में रक्त केंद्र होता तो गंभीर मरीजों को तत्काल लाभ मिलता। सीएमएस डॉ. घनश्याम तिवारी ने बताया कि अस्पताल में जरूरतमंदों को रक्त की आवश्यकता बनी रहती है। अस्पताल में सर्जन की तैनात हैं। हादसों में गंभीर मरीजों को तत्काल रक्त की आवश्यकता रहती है। रक्त केंद्र क स्थापना के लिए चार माह पहले ही प्रस्ताव भेजा गया था।