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मतदान के दूसरे दिन संभावित परिणामों को लेकर चलता रहा जोड़ घटाना

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Political Activity in Pithauragarh
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पिथौरागढ़। सीमांत जिले पिथौरागढ़ की चार विधानसभा क्षेत्रों में मतदान शांति पूर्वक संपन्न हुआ। मतदान खत्म होने के बाद सभी राजनीतिक पार्टियों के उम्मीदवारों ने परिणाम को लेकर आकलन करना शुरू कर दिया है। सियासी गणित के सवालों के हल के लिए सबके अपने-अपने सूत्र (फॉर्मूले) हैं। मंगलवार को प्रत्याशी से लेकर कार्यकर्ता तक सभी परिणामों को लेकर गुणा-भाग करते रहे।
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सीमांत जिले की चार विधानसभा सीटों पिथौरागढ़, डीडीहाट, धारचूला और गंगोलीहाट में 28 प्रत्याशी आमने सामने हैं। मतदान के खत्म होते ही राजनीतिक पार्टियों के बूथों एजेंट और अन्य समर्थक प्रत्येक बूथ में हुए मतदान की रिपोर्ट प्रत्याशियों को दे रहे हैं। जिन बूथों पर मतदान कम हुआ है, उन बूथों के में तैनात बूथ एजेंटों और उस क्षेत्र के कार्यकर्ताओं को प्रत्याशी खरी- खोटी भी सुना रहे हैं। मतदान के संपन्न होने के बाद राजनीतिक पार्टियां अपनी अपनी जीत के दावे कर रही हैं।
धारचूला विधानसभा क्षेत्र : कांग्रेस से हरीश धामी, भाजपा से धन सिंह धामी, सपा से मंजू देवी, आप से नारायण सोराड़ी, यूकेडी से रमेश सिंह थलाल, बसपा से गोविंद राम और जीवन सिंह ठाकुर व कैलाश सिंह बतौर निर्दलीय प्रत्याशी मैदान में हैं।
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डीडीहाट विधानसभा क्षेत्र : भाजपा से बिशन सिंह चुफाल, कांग्रेस से प्रदीप पाल, आप से दीवान सिंह, सपा से सुरेंद्र सिंह गुरुंग, यूकेडी से गोविंद सिंह, निर्दलीय किशन भंडारी और अनिल सिंह मैदान में हैं।
पिथौरागढ़ विधानसभा क्षेत्र : भाजपा से चंद्रा पंत, कांग्रेस से मयूख महर, सपा से वीरेंद्र वीर विक्रम सिंह, आप से चंद्र प्रकाश पुनेड़ा, बसपा से खुर्शीद अहमद, आजाद पार्टी से कार्तिक टम्टा और निर्दलीय प्रत्याशी नितिन मारकाना मैदान में हैं।
गंगोलीहाट विधानसभा क्षेत्र : भाजपा से फकीर राम टम्टा, कांग्रेस से खजान गुड्डू, यूकेडी से हरी प्रसाद, आप से बबीता चंद्र, सपा से बलराम और बसपा से रेखा चुनावी मैदान में हैं।
प्रत्याशियों की ओर से नोट बिछाने की भी चर्चाएं
पिथौरागढ़। पिथौरागढ़ की चारों विधानसभा क्षेत्रों में प्रत्याशियों की ओर से जमकर पैसा बहाने की चर्चाएं आम हैं। कई स्थानों पर मतदाताओं को रिझाने के लिए पोलिंग बूथ से कुछ दूरी पर खाने, पेयजल, चाय और शराब का इंतजाम किया था। चर्चाएं ये भी हैं कि प्रत्याशियों के समर्थक कुछ स्थानों पर बुजुर्ग मतदाताओं को 500 से 1000 हजार रुपये भी दे रहे थे। हालांकि नोट बांटने का कोई भी मामला प्रशासन की पकड़ में नहीं आया।
कल तक थे गुलजार, अब सुनसानी
चंपावत। एक दिन पूर्व तक कार्यकर्ताओं से गुलजार रहने वाले भाजपा और कांग्रेस के कार्यालयों में मंगलवार को सुनसानी रही। भाजपा के छतार स्थित स्थायी कार्यालय और विधानसभा चुनाव के लिए बनाए गए अस्थायी चुनाव कार्यालय में दिनभर सन्नाटा पसरा रहा। कमोवेश यही स्थिति कांग्रेस के टनकपुर रोड स्थित कार्यालय की भी रही।
दूसरी ओर मतदान पार्टियों की वापसी के साथ ही दूरस्थ स्थानों में गए विभिन्न राजनीतिक दलों के पोलिंग एजेंट भी लौट आए हैं। पोलिंग एजेंटों की ओर से मिले फीडबैक के आधार पर प्रत्याशियों की ओर से हार जीत का गणित तय किया जा रहा है।
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