चीन सीमा पर फंसे चार पर्यटकों समेत दस लोगों को किया रेस्क्यू
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छह दिन से सड़क बंद होने से व्यास, दारमा और चौदास घाटियों में फंसे लोगों की दिक्कत बढ़ गई है। मौसम खुलने के बाद फंसे लोगों और पर्यटकों को रेस्क्यू करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। दूसरे दिन मुंबई, तमिलनाडु और रानीखेत के चार पर्यटकों सहित 10 लोगों को हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू किया गया। धारचूला पहुंचकर सभी खुशी से झूम उठे।
चीन सीमा पर स्थित दारमा, व्यास और चौदास घाटी को जोड़ने वाला टनकपुर-तवाघाट एनएच चेतुलधार में पहाड़ी दरकने से बीते छह दिनों से बंद है। सड़क बंद होने से तीनों घाटियों के 30 से अधिक गांवों का संपर्क पूरी तरह कटा है और सैकड़ों ग्रामीण और पर्यटक यहां फंसे हैं। मौसम खुलने के बाद फंसे लोगों को हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू किया जा रहा है। सोमवार को एसडीएम मंजीत सिंह के नेतृत्व में रेस्क्यू अभियान चला। हेलीकॉप्टर ने बूंदी, दारमा घाटी के चल, गर्गुवा और नारायण आश्रम के लिए तीन उड़ान भरी।
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यहां फंसे मुंबई के दो, तमिलनाडु, रानीखेत के एक-एक पर्यटक के साथ छह ग्रामीणों को रेस्क्यू कर धारचूला लाया गया। धारचूला पहुंचकर पर्यटकों ने प्रशासन का आभार जताया।
नायब तहसीलदार चंद्र प्रकाश आर्या, राजस्व उप निरीक्षक राजेंद्र मेहता, जीवन पुनेठा, कृष्ण कुमार, धर्मेंद्र भंडारी ने रेस्क्यू अभियान में सहयोग दिया।
पैदल सफर करने के लिए मजबूर हैं ग्रामीण
सड़क बंद होने से रास्तों पर वाहन फंसे हैं, इससे तीनों घाटियों के लोगों के लिए गांवों से बाहर निकलना चुनौती बन गया है। किसी तरह ग्रामीण दरकते पहाड़ों और गिरते मलबे व बोल्डरों के बीच जान जोखिम में डालकर पैदल सफर करने के लिए मजबूर हैं।
आज खुल सकती है सड़क
सड़क की कार्यदायी संस्था हिलवेज कंपनी के अधिकारियों के मुताबिक युद्धस्तर पर सड़क खोलने का काम किया जा रहा है। जेसीबी मशीनों से मलबा और बोल्डर हटाए जा रहे हैं। उन्होंने मंगलवार यानि आज दोपहर तक सड़क पर आवाजाही शुरू होने की उम्मीद जताई है।