पिथौरागढ़ में वन विभाग के साथ गश्त करते शिकारी। संवाद न्यूज एजेंसी
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पिथौरागढ़। जिला मुख्यालय में तेंदुए का आतंक बढ़ता जा रहा है। वन विभाग को अलग-अलग स्थानों में तेंदुए के दिखाई देने की सूचना मिल रही है। सोमवार को सरस्वती विहार कॉलोनी और महादेव धारे के समीप तेंदुए दिखाई दिए। इससे लोगों में डर बढ़ गया है। प्रशासन ने भी तेंदुए की दहशत को देखते हुए छह अक्तूबर तक पौंण, बजेटी, पपदेव, जीआईसी रोड, चंडाक और रई क्षेत्र में नाइट कर्फ्यू लगाया है।
बजेटी के पाटा में 19 सितंबर को मासूम बच्ची को मारने वाले तेंदुए को आदमखोर घोषित किया गया है। वन रेंजर डीसी जोशी के नेतृत्व में शिकारी हरीश धामी टीम के साथ तेंदुए की तलाश में जुटे हैं। सोमवार को उन्होंने पाटा क्षेत्र में रात गुजारी। फिलहाल तेंदुए नाइट कर्फ्यू वाले क्षेत्रों में नहीं दिखाई दे रहा है। टीम को महादेव धारे, सरस्वती विहार कॉलोनी और पुलिस लाइन क्षेत्र में सोमवार को तेंदुए के दिखाई देने की सूचना मिली है। जन मंच के संयोजक भगवान रावत और सुबोध बिष्ट ने तेंदुओं को पकड़ने के लिए पिंजरे लगाने की मांग की है।
हाथियों ने रौंदी ढाई बीघा भूमि पर खड़ी धान की फसल
बनबसा (चंपावत)। मझगांव में तेंदुए के बाद अब हाथियों का भी आतंक हो गया है। मझगांव निवासी ग्रामीण हेम चंद्र जोशी के खेतों में सोमवार रात घुसे हाथियों ने खड़ी धान की फसल रौंदकर नष्ट कर दी। ग्राम प्रधान दीपक प्रकाश चंद ने घटना की सूचना वन विभाग को दे दी है। ग्राम प्रधान और ग्रामीणों ने वन विभाग से पीड़ित किसान को उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।