गंगोलीहाट (पिथौरागढ़)। बारिश नहीं होने से ग्रामीण पेयजल के लिए परेशान हैं। ग्रामीणों को चार किमी दूर से पानी की व्यवस्था करनी पड़ रही है। अस्कोड़ा, रोतेड़ा, बडेना, चोड़धुरौली, नगल्टी, ड्यूलहरडाकोट, चहज, जरमालगांव, बुंगली, नाली, भामा आदि गांवों के लोगों को पेयजल के लिए चार किमी तक का सफर तय करना पड़ रहा है। सड़क किनारे बसे गांवों में जल संस्थान टैंकर के जरिए चौथे दिन राहत के तौर पर प्रत्येक परिवार को 200 से 300 लीटर पानी दे पा रहा है।
बुंगली के ग्रामीण घोड़े के जरिए पानी ढो रहे हैं। इन गांवों में से अधिकतर के पास पानी की कोई योजना नहीं है जिन गांवों के पास योजना है वह ग्राम पंचायत के पास हैं जिनका रखरखाव नहीं होने से वह ध्वस्त पड़ी हैं। बारिश नहीं होने से नौले-धारे सूखने की कगार में पहुंच चुके हैं। लगभग 5000 की आबादी पेयजल किल्लत से जूझ रही है।
गांवों में परिवार का एक आदमी पानी भरने में ही लगा रहता है। मवेशियों को कई किमी दूर गधेरे में ले जाकर पानी पिलाना पड़ता है। ग्रामीणों ने बताया कि प्रत्येक वर्ष अप्रैल शुरू होते ही पानी की समस्या होने लगती है जो गर्मी पड़ने के साथ थी विकराल रूप धारण कर लेती है। पानी की यह समस्या जुलाई तक रहती है। लोग बारिश का इंतजार कर रहे हैं। पानी के स्रोत नहीं होने के कारण टैंकर रोज 40 से 45 किमी दूर से पानी भरकर गांवों में पहुंच रहा है।