गंगोलीहाट में साइकिल रैली के लिए तैयार प्रतिभागी। संवाद
बंगापानी (पिथौरागढ़)। ग्राम पंचायत आलम दारमा के आलम तोक की गंगोत्री देवी का घास काटते समय पहाड़ी से पैर टूट गया। सड़क नहीं होने से परिजन महिला को उपचार के लिए अस्पताल नहीं ले जा सके। इसके चलते महिला घर पर ही तड़पती रही। जब दर्द असहनीय हो गया तो ग्रामीणों ने हिम्मत कर पीठ में बांध कर महिला को बदहाल रास्ते से मुख्य सड़क तक पहुंचाया। इसके बाद महिला को उपचार के लिए 100 किलोमीटर दूर जिला मुख्यालय ले जाया गया।
बंगापानी तहसील का आलम गांव बेहद दुर्गम पहाड़ी पर स्थित है। गांव निवासी उत्तम सिंह धामी की पत्नी गंगोत्री (55वर्ष) 17 अगस्त को घास काटने के लिए जंगल गई थी। इस दौरान पैर फिसलने से खाई में गिरकर उनका पैर टूट गया। गांव के लिए सड़क नहीं होने और पैदल रास्ता बरसात में भूस्खलन के कारण ध्वस्त होने के कारण महिला को उपचार के लिए नहीं लाया जा सका। इसके चलते महिला घर में ही दर्द से तड़पती रही। जब दर्द असहनीय हो गया तो ग्रामीण उसे पीठ पर बांधकर शेराघाट तक लाए। यहां से उपचार के लिए जिला मुख्यालय भेजा गया।
ग्रामीणों का कहना है कि रोजमर्रा के सामान के लिए 15 किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है। आलम से सेराघाट चार किमी पैदल चलकर सेराघाट मुख्य सड़क में पहुंचते थे।मार्ग लगभग 500 मीटर भूस्खलन की भेंट चढ़ चुका है। गांव पलायन का दंश झेल रहा है। अव्यवस्थाओं और गांव तक सड़क सुविधाएं नहीं होने से आधे से अधिक परिवार अन्यत्र किराए में या स्वयं का मकान बनाकर रहने लगे हैं।