पिथौरागढ़। सीमांत जिले की 28 सड़कें मलबा आने से बंद हैं। वाहनों का संचालन ठप पड़ा हुआ है। इसके चलते लोग पैदल आवागमन करने के लिए मजबूर हैं।
शुक्रवार को तवाघाट-घट्टाबगड़ सड़क तिनतोला के पास मलबा आने से बंद रही। धापा-मिलम, रामगंगा-क्वीटी, बांसबगड़-कोटा पंद्रपाला, खेला-गर्गुवा, पौड़ी-घटकूना, एलागाड़-जुम्मा, मदकोट-फाफा, मदकोट-तोमिक, होकरा-नामिक, मसूरीकांडा-होकरा, कालिका-खुमती, डोर-सैंणराथी, छिरकिला-जम्कू, आदिचौरा-सीड़ी, नाचनी-भैंसकोट, पांखू-जौशाला, जौलजीबी-मदकोट, डीडीहाट-आदिचौरा, नौलड़ा-खतेड़ा, मालाकोट-लोध, रुंग-सिर्खा, तवाघाट- नारायण आश्रम, बलुवाकोट-गागरा-गैरा, मदकोट-बोना, गिनी बैंड-समकोट, बरा-धामीगांव सड़कें बंद हैं। इन क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था ठप पड़ी है। लोगों को पैदल आवागमन करना पड़ रहा है। ग्रामीणों को जरूरी सामान भी पीठ पर ढोना पड़ रहा है।
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आपदा प्रभावित क्षेत्रों की समस्याओं का समाधान करने की मांग
मुनस्यारी। यूथ कांग्रेस के जिलाध्यक्ष विक्रम दानू ने उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि मुनस्यारी, बंगापानी तहसीलों के कई गांव आपदा से प्रभावित हैं। रास्ते, सड़कें ध्वस्त पड़े हैं। इसके चलते लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने शीघ्र समस्या के समाधान की मांग उठाई। इस अवसर पर लक्ष्मण विश्वकर्मा, राजेंद्र कुमार, हरीश सिंह, प्रेम कुमार, निक्कू धामी, प्रदीप, दीपक, सुरेंद्र, विक्की, मन्नू, हरीश, राजेंद्र, आदिल आदि उपस्थित रहे। संवाद