पिथौरागढ़(दीपक कापड़ी)। विधानसभा चुनाव में अब 10 दिन से भी कम समय बचा है। प्रत्याशी मतदाताओं तक पहुंचने के लिए कड़ी मशक्कत कर रहे हैं। बारिश और बर्फबारी के बीच भी प्रचार अभियान जारी है। प्रशासन मतदान प्रक्रिया के लिए तैयारियों में जुटा है। जिले में कई बूथ बहुत दूर स्थित हैं। इन्हीं बूथों में से एक बूथ है नामिक। पिथौरागढ़ से नामिक की दूरी नेपाल से भी अधिक है। यहां 14 फरवरी को मतदान कराने के लिए पोलिंग पार्टी 11 फरवरी को रवाना होगी।
पिथौरागढ़ से नेपाल का जूलाघाट करीब 30 किमी, दार्चूला 90 किमी और महेंद्रनगर 165 किमी दूर है, जबकि समुद्रतल से करीब 2200 मीटर की ऊंचाई पर स्थित नामिक मतदान केंद्र की पिथौरागढ़ से दूरी 175 किलोमीटर है। यहां पहुंचने के लिए मतदान कर्मियों को 153 किमी की यात्रा वाहन से तय करनी पड़ेगी। इसके बाद दुर्गम रास्तों में 22 किमी से अधिक चलना पड़ेगा। पिछले दो दिन में नामिक क्षेत्र में काफी बर्फबारी हुई है। यहां 14 फरवरी मतदान के दिन तक भी बर्फ पिघलने के आसार नहीं हैं। बर्फबारी के कारण कई स्थानों पर पैदल रास्ते भी ध्वस्त हैं। जिला प्रशासन ऐसे ही अन्य 17 दूरस्थ बूथों में मतदान कर्मियों को तीन दिन पहले भेजेगा। चुनाव के मद्देनजर जिला प्रशासन ने मौसम के साफ होने के बाद पैदल रास्तों को ठीक करने का काम शुरू कर दिया है।
नामिक बूथ में हैं 600 मतदाता
पिथौरागढ़। सीमांत विधानसभा में 600 मतदाता हैं। यहां प्रशासन की टीम ने मतदान के लिए पेयजल, बिजली आदि व्यवस्थाओं को ठीक कर लिया था। बर्फबारी के बाद फिर पेयजल और बिजली की दिक्क्कत ना हो इसके लिए यहां पर दोबारा टीम को भेजा जा रहा है।
बूथ और उनकी दूरी
विस क्षेत्र - बूथ - कुल दूरी - वाहन से - पैदल
धारचूला - कनार - 110 किमी - 92 किमी - 18 किमी
डीडीहाट - गराली - 89 किमी - 82 किमी - 07
पिथौरागढ़ - बनकोट - 35 किमी - 30 किमी - 05 किमी
गंगोलीहाट - भट्टीगांव - 81 किमी - 74 किमी - 07 किमी
कनार सहित अन्य दूरस्थ 17 बूथों में 11 फरवरी को पोलिंग पार्टियों को भेजा जाएगा। बर्फबारी और बारिश से ध्वस्त रास्तों को मौसम के साफ होने के बाद ठीक करने का कार्य शुरू कर दिया है। - डॉ. आशीष चौहान, जिला निर्वाचन अधिकारी पिथौरागढ़।