धारचूला में बीआरओ कैंप के पास दीवार पर बैठा तेंदुआ।
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धारचूला (पिथौरागढ़)। पिथौरागढ़ के बाद अब धारचूला में आबादी वाले क्षेत्रों में तेंदुआ दिखाई दे रहा है। इससे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। व्यापार संघ ने प्रशासन और वन विभाग से सुरक्षा इंतजाम करने की मांग की है।
सोमवार तड़के तीन बजे स्वास्थ्य कर्मी बीमार को अस्कोट छोड़कर 108 एंबुलेंस से लौट रहे थे। पायलट लक्ष्मण चंद और ईएमटी हिमांशु बिष्ट ने बताया कि बीआरओ कैंप देवल धारचूला देहात के पास तेंदुआ टनकपुर-तवाघाट हाइवे पार करता दिखा। दोनों ने वहां रुककर करीब आधे घंटे तक तेंदुए को देखा। तेंदुआ कैंप के पास शिव मंदिर की दीवार पर आराम से बैठा रहा। देवल से धारचूला नगर एक किमी की दूरी पर है। ऐसे में क्षेत्रवासियों में दहशत है। व्यापार संघ अध्यक्ष भूपेंद्र थापा और महासचिव नवीन खर्कवाल ने प्रशासन और वन विभाग से जरूरी कदम उठाने की मांग की है।
रेंजर सुनील कुमार ने बताया धारचूला में तेंदुए के इंसान पर हमले की अभी तक कोई घटना नहीं हुई है। उन्होंने लोगों से सुबह और शाम आवाजाही नहीं करने की अपील की है।
पिथौरागढ़ में तेंदुए की कोई हलचल नहीं
पिथौरागढ़। बजेटी के पाटा में 19 सितंबर को तेंदुए ने एक बच्ची को मार दिया था। घटना के दूसरे दिन वन विभाग ने एक पिंजरा लगाया था। जिसमें एक तेंदुआ कैद हुआ था। इसके बाद विभाग ने क्षेत्र में दूसरा पिंजरा लगाया। बीते बुधवार की रात को विभाग को तेंदुआ नजर आया। मगर उसके बाद से कहीं कोई हलचल नहीं है। वन रेंजर डीसी जोशी ने बताया टीम लगातार क्षेत्र में गश्त कर रही है। क्षेत्र में महिलाएं घास काट रहीं है। ऐसे में सतर्कता जरूरी है। विभाग लोगों को सचेत कर रहा है।