इससे गुस्साई रं समाज की महिला, पुरुष और जनप्रतिनिधि आक्रोशित होकर बड़ी संख्या में तवाघाट चौराहे पर पहुंचे। यहां उन्होंने पुलिस से बातचीत की। इधर पुलिस दोनों को धारचूला ले आई। कोतवाली के बाहर लोगों का हुजूम एकत्र हो गया। बाद में एसडीएम कोर्ट में मुचलका भरने के बाद दोनों को छोड़ दिया गया है। इसके बाद आक्रोशित लोग शांत हुए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि हेली सेवा का विरोध जारी रहेगा। इधर लोगों के आक्रोश के बाद आदि कैलाश का हेली से संचालन कर रही ट्रिप टू टैंपल कंपनी के वाहन धारचूला लौट गए हैं।
पंचायत प्रतिनिधियों ने किया विरोध
सीमांत के पंचायत प्रतिनिधियों ने चीन सीमा से लगे गुंजी गांव में हेली सेवा का विरोध कर रहे आंदोलनकारियों को पुलिस के गिरफ्तार करने पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि अगर सरकार के इशारों पर आंदोलनकारियों का उत्पीड़न किया गया तो सीमांत के सभी पंचायत प्रतिनिधि सरकार के खिलाफ आंदोलन करेंगे। उत्तराखंड त्रिस्तरीय पंचायत संगठन के कार्यक्रम संयोजक और मुनस्यारी के जिपं सदस्य जगत मर्तोलिया ने कहा कि हेली सेवा शुरू कर सीमांत के लोगों का रोजगार छीना जा रहा है। दिल्ली से वाहनों को बुलाकर बचेखुचे रोजगार को समाप्त किया जा रहा है। इसका लोकतांत्रिक ढंग से विरोध करने वाले आंदोलनकारियों को जबरन आंदोलन स्थल से उठाना मानवाधिकार की हत्या है।
हेली से आदि कैलाश और ओम पर्वत यात्रा करा रही कंपनी की ओर से तहरीर दी गई थी कि हेली पर पथराव किया गया और कर्मचारियों के साथ अभद्रता की गई। इसलिए धारा-151 में कार्रवाई की गई।
- परवेज अली, सीओ, पिथौरागढ़।