पिथौरागढ़। जिलाधिकारी ने कहा कि अतिकुपोषित बच्चों को जिला स्तरीय अधिकारी व्यक्तिगत रूप से गोद लें ताकि उनके पोषण, स्वास्थ्य जांच, उपचार और समग्र विकास की निगरानी नियमित रूप से की जा सके। महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग की एक समीक्षा बैठक में डीएम एके भटगांई ने जनपद में कुपोषित और अतिकुपोषित बच्चों की गंभीर स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए यह निर्देश दिए।
बैठक में डीएम ने कहा कि पोषण योजनाओं का लाभ हर बच्चे तक पहुंचना अनिवार्य है। किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार्य नहीं की जाएगी। उन्होंने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाई) की धीमी प्रगति पर असंतोष व्यक्त करते हुए इस माह विशेष जनजागरूकता एवं प्रमाणीकरण अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों की खराब संरचना, सफाई, पोषण वितरण और गतिविधियों की कमजोर स्थिति पर नाराजगी जताई।
निर्देश दिए कि हर आंगनबाड़ी केंद्र की संरचना, स्वच्छता और गतिविधियों में तुरंत सुधार किया जाए। बच्चों को दिए जाने वाले पोषण और शिक्षा संबंधी कार्यों में किसी भी प्रकार की ढिलाई न हो और जनपद के चुनिंदा केंद्रों को मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र के रूप में विकसित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को जनपद को सर्वोत्तम बाल विकास मॉडल जिला बनाने का लक्ष्य रखने को कहा। बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी ज्योति बोहरा महर, विभिन्न बाल विकास परियोजना अधिकारी आदि उपस्थित रहे।