धारचूला के तवाघाट-सोबला सड़क पर सड़क चौड़ीकरण का कार्य करती बीआरओ की जेसीबी। संवाद
धारचूला (पिथौरागढ़)। दारमा घाटी के चीन सीमा को जोड़ने वाली सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण तवाघाट-सोबला-ढाकर सड़क पर चौड़ीकरण और सुधारीकरण का कार्य शुरू हो गया है। इससे मानसून काल में घाटी के ग्रामीणों को सुविधा मिलेगी। बीआरओ की 67 आरसीसी ग्रेफ ने तवाघाट से छिरकिला डेम के बीच और खेत नामक जगह पर सड़क चौड़ीकरण शुरू कर दिया है।
बता दें कि खेत के पास 500 मीटर का क्षेत्र और तवाघाट से छिरकिला डेम के लगभग पांच किमी सड़क मानसून काल में मलबा और बोल्डर आने से कई हफ्तों तक बंद रहती है। मानसून काल में सड़क बंद होने से कई गांवों के लोगों को दो से पांच किमी तक पैदल चलकर तहसील मुख्यालय आना पड़ता है। बीआरओ के कार्य शुरू करने से इस बार मानसून काल में उक्त दो अति संवेदनशील जगह पर सड़क बाधित होने की संभावना कम रहेगी। सड़क खुली रहने से चौदास, तल्ला और मल्ला दारमा घाटी के 30 से अधिक गांवों के ग्रामीणों को राहत मिलेगी।
पंचाचूली, नारायण आश्रम की यात्रा होगी सुगम
धारचूला। तवाघाट से छिरकिला डेम के बीच की सड़क 10 मीटर तक चौड़ी होगी। सूत्रों के अनुसार कुछ माह में तवाघाट से सोबला 15 किमी के बीच आने वाले भवन और भूमि स्वामियों को मुआवजा मिल जाएगा। इसके बाद सड़क सुधारीकरण का कार्य शुरू हो जाएगा। सोबला निवासी रामू रोकाया और गजेंद्र रोकाया ने बताया कि तवाघाट-सोबला सड़क पर 10 वर्षों से सुधारीकरण और चौड़ीकरण नहीं होने से सड़क बदहाल हो चुकी है। इस सड़क के सुधारीकरण के बाद पंचाचूली ग्लेशियर और नारायण आश्रम आने वाले पर्यटकों को राहत मिलेगी। संवाद
बोनकोट गांव के आंतरिक मार्गों की दशा सुधरी
मूनाकोट (पिथौरागढ़)। विकासखंड के बोनकोट गांव में तीन दशक बाद बदहाल पड़े आंतरिक मार्गों पर कंक्रीट किया गया है। मार्गों की हालत सुधरने से ग्रामीणों को राहत मिली है। सैकड़ों की आबादी वाले बोनकोट गांव में आंतरिक मार्गों की हालत काफी खराब हो गई थी। जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो चुके मार्गों पर आवागमन करने में परेशानी का सामना करना पड़ता था। ग्राम प्रधान पूजा चंद ने पहल करते हुए आंतरिक मार्गों पर कंक्रीट करवाया है। गांव के प्रत्येक घर तक सीसी मार्ग बनने से ग्रामीण खुश हैं। साथ ही पेयजल की दिक्कत को दूर करने के लिए स्टैंड पोस्ट भी लगा दिए गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि प्रधान सराहनीय कार्य कर रही हैं। उन्होंने लोगों की सुविधा के लिए तीन वर्ष के कार्यकाल में 100-100 मीटर के छह रास्ते बनवाए हैं। संवाद