पिथौरागढ़। जिला अस्पताल में 14 अप्रैल 2018 को हंस फाउंडेशन ने ढाई करोड़ रुपये की लागत से आईसीयू स्थापित किया था। तब लोगों को उम्मीद थी कि लोगों को उपचार के लिए महानगरों में नहीं जाना पड़ेगा लेकिन चार साल बाद भी स्टाफ की तैनाती नहीं हो सकी।
तत्कालीन सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने हंस फाउंडेशन के आईसीयू का शुभारंभ किया था। तब उन्होंने भी सीमांत जिले को मिले आईसीयू को विश्व स्तरीय बताया था लेकिन त्रिवेंद्र के बाद प्रदेश में दो नए मुख्यमंत्री आए और भाजपा की दोबारा सत्ता में वापसी के बावजूद आईसीयू को अपना स्टाफ नहीं मिल सका है। आईसीयू का संचालन सिर्फ कोरोना के दौरान गंभीर भर्ती मरीजों के उपचार के लिए किया गया है। आईसीयू संचालन के लिए चिकित्सक सहित 24 कर्मियों की तैनाती होनी है। स्वास्थ्य विभाग कई बार स्टाफ की तैनाती का प्रस्ताव शासन को भेज चुका है मगर शासन ने इस संबंध में अब तक कोई निर्णय नहीं लिया। सीएमओ डॉ. एचसी ह्यांकी ने बताया कि पीएम डॉ. केसी भट्ट के साथ ही विभाग भी आईसीयू में स्टाफ की तैनाती के लिए लगातार पत्राचार कर रहा है।