धारचूला (पिथौरागढ़)। दारमा घाटी में फिर से भारी बर्फबारी हुई है। पहाड़ों में एक फुट जबकि घरों के आसपास छह इंच बर्फबारी के कारण कड़ाके की ठंड पड़ रही है। बंद सड़कों के निरीक्षण के लिए गए तहसीलदार की तबियत भी बिगड़ गई। तहसीलदार को हायर सेंटर रेफर किया गया है। बालिंग गांव में तीन साल का एक बच्चा भी बीमार है।
दारमा घाटी के 14 गांवों के लोग माइग्रेशन की तैयारी कर रहे हैं। माइग्रेशन से पहले ही हिमपात हो गया है। दांतू के प्रधान जमन दताल, पानू दताल, दुग्तू के प्रकाश दुग्ताल ने बताया कि गांव, घरों में छह इंच और पहाड़ों में एक फुट से अधिक बर्फबारी हुई है।
इससे ठंड भी काफी बढ़ गई है। उन्होंने बताया कि सड़क बंद होने से कुछ लोग अपने जानवरों के साथ आधे रास्ते में फंसे हैं। सड़क खराब होने से लोग तो दूर मवेशी तक आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं। तीन दिन पहले चिकित्सा शिविर के लिए दुग्तू गए एक डॉक्टर और फार्मासिस्ट भी सड़क बंद होने से फंसे हैं।
तीन दिन पूर्व बंद सड़कों के निरीक्षण के लिए दारमा गए तहसीलदार अबरार अहमद की भी ठंड से तबियत बिगड़ गई। ग्रामीणों ने काफी मुश्किलों के बीच उन्हें रातोंरात धारचूला पहुंचाया। धारचूला अस्पताल में डॉ. एमके जायसवाल ने जांच की।
जांच में साइनस के लक्षण मिलने पर उन्हें हल्द्वानी रेफर किया गया। बीआरओ ने तवाघाट-सोबला सड़क खोलने का कार्य शुरू कर दिया है लेकिन सड़क के चार-पांच दिन पहले खुलने की उम्मीद नहीं है।
सीपीडब्ल्यूडी की सोबला-सड़क पर दर, बोगलिंग, सेला से नांगलिग के बीच कई जगहों पर बोल्डर, मलबा, पेड़ गिरने से सड़क का नामोनिशान नहीं है। दिनेश चलाल और नरेंद्र सेलाल ने बताया कि सेला से नांगलिग के बीच सड़क बदहाल हो गई है।
कई जगहों पर लोगों को अपनी जान जोखिम में डालकर हाथों से भी चलना पड़ रहा है। थोड़ी सी असावधानी होने पर नीचे बह रही धौली नदी में गिरने का खतरा है। चल ग्राम से लौटने पर दिनेश चलाल ने बताया कि सड़क की हालत देखने पर 20 दिनों तक यातायात सुचारु होने की संभावना नहीं है।
सड़क शीघ्र न खुलने पर रोजमर्रा की चीजों के दाम फिर से बढ़ने की आशंका है। सीमांत के लोगों ने शासन प्रशासन से 15 दिन कम से कम हेलिकॉप्टर का संचालन करने की मांग की है।
लोगों से दारमा घाटी की सड़क से हो रही दिक्कतें की सूचना मिल रही है। सरकार और एयरफोर्स से हेलिकॉप्टर सेवा के लिए अनुरोध किया गया है।
- डॉ. आशीष चौहान, जिलाधिकारी, पिथौरागढ़।