पिथौरागढ़। विधानसभा चुनाव संपन्न कराने के लिए वाहनों के अधिग्रहण से यात्रियों को तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बसें नहीं मिलने पर यात्रियों को वाहन की तलाश में काफी भटकना पड़ रहा है। बेबस लोग या तो कई घंटे की यात्रा खड़े-खड़े करने के लिए मजबूर हैं, या गाड़ियां बदल-बदल कर यात्रा कर रहे हैं।
जिले में रोडवेज की 60 बसों कर चुनाव में अधिग्रहण होना है। इनमें से 45 बसें अधिग्रहीत हो चुकी हैं। इस कारण बृहस्पतिवार को रोडवेज की मात्र सात और केएमओयू की केवल दो ही बसों का संचालन हुआ। ऐसे में यात्रियों के पास टैक्सी वाहनों का ही एकमात्र विकल्प बचा है, वो भी काफी मुश्किल से मिल रही हैं।
खिड़की से सामान डाल सीट कर रहे सुरक्षित
रोडवेज बस स्टेशन में बृहस्पतिवार को देहरादून जाने वाले बस के लिए यात्रियों में सीट को लेकर संघर्ष देखने के लिए मिला। करीब नौ बजे जैसे ही स्टेशन में बस पहुंची तो सीट सुरक्षित करने के लिए यात्री खिड़की से सामान डालते नजर आए। कई लोग चलती बस में ही चढ़ गए। बस यात्रियों से ठसाठस भर गई। कई यात्रियों ने बस को छोड़ना ही मुनासिब समझा। दिल्ली और हल्द्वानी के लिए लगी बसें भी यात्रियों से भरी नजर आईं।
दिल्ली में मल्टी नेशनल कंपनी में काम करते हैं। वर्क फ्राम होम चल रहा था। कंपनी ने अचानक मीटिंग के लिए बुलाया है। बस के लिए लेट हो गया हूं। अब टैक्सी से हल्द्वानी जाऊंगा। - मोहित पंत, यात्री
रविवार को देहरादून में शादी है लेकिन देहरादून की बस में सीट ही नहीं मिली। अब टनकपुर पहुंचने के बाद वहां से आगे के लिए बस या किसी अन्य माध्यम से यात्रा करेंगे। - प्रियंका जोशी, यात्री
बृहस्पतिवार को सात रोडवेज की बसों का संचालन किया गया, जिसमें तीन दिल्ली, एक देहरादून, टनकपुर, हल्द्वानी, धारचूला और झूलाघाट के लिए बसों का संचालन किया गया। वर्तमान में चुनाव में 45 बसों का अधिग्रहण किया गया है, और भी बसें अधिग्रहीत की जानी हैं। चुनाव तक बसों के संचालन में दिक्कत होगी। - आरके आर्या, एआरएम, पिथौरागढ़
हल्द्वानी के लिए केएमओयू की मात्र दो बसें
पिथौरागढ़। केएमओयू की बृहस्पतिवार को दो ही बसों का संचालन हुआ। अन्य दिनों सात बसों का संचालन किया जाता था। स्टेशन प्रभारी अशोक सिंह चौहान ने बताया कि दो बसें हल्द्वानी के लिए गईं। बागेश्वर, ग्वालदम, रामनगर के लिए कोई बस नहीं गई। उन्होंने कहा चुनाव तक इस तरह की दिक्कतें रहेंगी।