उच्च हिमालयी क्षेत्र व्यास घाटी के गुंजी मनीली में 10500फुट पर पड़ी बर्फा।
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धारचूला (पिथौरागढ़)। बीआरओ ने व्यास घाटी के अंतिम गांव कुटी को जोड़ने वाली सड़क को यातायात के लिए खोल दिया है। बर्फ और बोल्डरों के कारण बंद पड़ी इस सड़क के खुलने से सुरक्षा एजेंसियों के जवानों के साथ ही माइग्रेशन पर जाने वाले लोगों को काफी राहत मिली है। 15 परिवार माइग्रेशन पर अंतिम गांव कुटी पहुंच गए हैं।
चीन सीमा के पास स्थित अंतिम गांव कुटी के लोग हर साल भारी बर्फबारी के चलते नवंबर माह में निचली घाटियों की ओर आ जाते हैं। भारी बर्फबारी से शीतकाल में दिसंबर से फरवरी तक गुंजी कुटी सड़क ज्योलिंगकांग तक पूरी तरह से बंद रहती है। अप्रैल के बाद सड़क खुलने पर घाटी क्षेत्रों में आए लोग अपने जानवरों के साथ माइग्रेशन पर इन्हीं मूल गांवों में जाते हैं। इस बार सड़क बंद होने से सुरक्षा एजेंसियों के जवानों को भी पैदल ही जाना पड़ रहा था। करीब 15 दिन पहले बीआरओ की 65 आरसीसी ने सड़क खोल दी थी। अब सड़क खुलने के बाद माइग्रेशन पर जाना शुरू कर दिया है। रं यूथ फोरम के अध्यक्ष हरीश कुटियाल ने बताया कि कुटी के 15 परिवार गांव पहुंच गए हैं। बाकी परिवार एक मई को गांव की ओर रवाना होंगे। इधर स्थानीय प्रशासन से इनर लाइन परमिट मिलने के बाद नेपाल के छांगरू और तिंकर के 20 लोग अपने 200 जानवरों के साथ भारतीय सीमा से होकर अपने गांवों के लिए रवाना हो गए हैं। एक दो दिन बाद इन दो गांवों के अन्य लोग भी अपने अपने गांव जाना शुरू कर देंगे।