पिथौरागढ़। रोडवेज परिवहन निगम हर रोज सात लाख के घाटे की मार झेल रहा है। कोविड की दूसरी लहर का खतरा कम होने के बाद बसों का संचालन शुरू होने के बाद भी हालात नहीं सुधर पाए हैं। टनकपुर मार्ग के बार-बार बंद होने और हल्द्वानी रूट के संकरा होने से लंबी बसों का संचालन न हो पाने से भी दिक्कतें आ रहीं हैं।
कोविड संक्रमण कम होने के बाद भी रोडवेज निगम की स्थिति में सुधार नहीं आया है। यहां से 15 बसों का संचालन दिल्ली, देहरादून, लखनऊ, लखनऊ, बरेली, बदायूं, मदकोट, झूलाघाट के लिए किया जा रहा है। इन बसों के संचालन से रोडवेज को रोज दो से तीन लाख रुपये की आय हो रही है।
इसके बाद भी अभी निगम को प्रतिदिन करीब सात लाख का नुकसान हो रहा है। कुछ दिन पहले भारतोली में सड़क बंद होने के कारण टनकपुर के लिए बसों का संचालन नहीं हो पाया।
अब भी पिथौरागढ़-टनकपुर मार्ग समय-समय पर बंद हो जा रहा है। इससे बसों का संचालन नियमित रूप से नहीं हो पा रहा है। निगम ने मदकोट-देहरादून और मुनस्यारी-बागेश्वर के लिए बस का संचालन शुरू कर लोगों को राहत दी है।
सामान्य दिनों में चलती थी 20 से अधिक बसें
पिथौरागढ़। मार्च 2020 से पहले रोडवेज प्रतिदिन 20 से अधिक बसों का संचालन करता था। इससे रोज करीब 10 लाख रुपये की आय होती थी लेकिन कोरोना की पहली और दूसरी लहर की मार से रोडवेज नहीं उबर पाया है।
वर्तमान में लंबी दूरी की बसों समेत कुल 15 बसों का संचालन किया जा रहा है। इससे रोज तीन से चार लाख के बीच की आय हो रही है। जब सभी बसों का संचालन होगा, तब जाकर कहीं निगम घाटे से उबर पाएगा
- आरके आर्या, आरएम, रोडवेज निगम, पिथौरागढ़।